परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि निजी दुश्मनी के कारण मुझको मौत की सज़ा सुनाई गई है।उनका कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए मौक़ा नहीं दिया गया। मुशर्रफ़ का कहना था कि यही विषय न्यायिक आदेश की कमज़ोरी को दर्शाता है। उन्होंने कहा इस फैसले में क़ानून का पालन नहीं किया गया। परवेज़ मुशर्रफ के वकील कह चुके हैं कि वे इस मौत की सज़ा के आदेश को चुनौती देंगे।
ज्ञात रहे कि पाकिस्तान के न्यायालय ने इस देश के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को देशद्रोह के आरोप में फ़ासी की सज़ा सुनाई है। हालांकि न्यायालय के इस आदेश का कई राजनैतिक दलों ने स्वागत किया किंतु पाकिस्तान की वर्तमान सरकार और सेना ने इस अन्यायपूर्ण बताया है। न्यायालय के फैसले के बाद पाकिस्तान में कई स्थानों पर परवेज़ मुशर्रफ़ के समर्थन में प्रदर्शन किये गए।