पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि अदालत ने किसी सैन्य तानाशाह को मौत की सज़ा सुनाई हो।
जनरल मुशर्रफ़ फ़िलहाल दुबई में अपना इलाज करवा रहे हैं। उन्हें 3 नवम्बर 2007 को देश में आपातकाल लगाने और संविधान भंग करने के मामले में देशद्रोही मानकर मौत की सज़ा सुनाई गई है।
कुछ दिन पहले मुशर्रफ़ ने एक वीडियो जारी कर अपने ख़राब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा था कि जांच आयोग उनके पास आएं और देखें कि वह अभी किस हाल में हैं।
हालांकि मुशर्रफ़ का कहना है कि देशद्रोह की बात तो छोड़ें, मैंने देश की बहुत सेवा की है और युद्ध लड़े हैं।