इस बयान के एक महीने बाद खबरों में बताया जा रहा है कि फुरात नदी के पूर्वी तट पर सीरियाई तेल के कुंए के पास अमरीकी छावनी पर " अज्ञात " लोगों ने राकेटों से हमला किया उसके कुछ दिनों बाद खबर मिलती है कि सीरियाई वायु सेना के विमानों ने अमरीका समर्थित गुटों पर बमबारी की है। सवाल यह है कि क्या यह सब सीरियाई तेल पर अमरीका के क़ब्ज़े को खत्म करने और सीरिया से अमरीका को खदेड़ने के लिए किसी युद्ध का आंरभ तो नहीं?
इस सवाल का जवाब " हां " में इस लिए भी अधिक सही है क्योंकि सीरिया में इन घटनाओं के साथ ही इराक में अमरीकी छावनी " एनुलअसद" पर भी चार राकेट फायर किये गये वह भी जब अमरीकी उप राष्ट्रपति मात्र चार दिन पहले ही इस छावनी में जाकर अमरीकी सैनिकों से मिले थे।
राष्ट्रपति ट्रम्प, सीरिया के तेल के कुंओं पर क़ब्ज़े पर गर्व करते हैं और खुल कर कहते हैं कि उससे होने वाली आमदनी का वह प्रयोग करेंगे और उसका एक हिस्सा, अमरका समर्थित कुर्द फोर्स को भी दिया जाएगा लेकिन सब से अधिक खतरनाक बयान इस्राईली व्यापारी " मोर्दखाय खाना का है जो उन्होंने " इस्राईल ह्यूम " के साथ एक वार्ता में दिया है। उन्होंने बताया कि इस्राईल की " ग्लोबल डेवलपमेंट कार्पोरेशन" कंपनी ने उत्तरपूर्वी सीरिया में इसी कुर्द फोर्स के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं जिनके आधार पर इस क्षेत्र के सभी तेल के कुओं का सारा काम काज इस इस्राईली कंपनी को मिल जाएगा और यह सब कुछ ट्रम्प सरकार की ओर से ग्रीन सिगनल के साथ हुआ है।
सीरिया के इस कुंए से चोरी किये जाने वाले तेल की मात्रा 125 बैरल प्रतिदिन है जो 4 लाख बैरल प्रतिदिन हो सकती है। फिलहाल सीरिया से अमरीका द्वारा लूटे जा रहे इस तेल की आमदनी 36 मिलयन डालर प्रतिमाह है। यह आयल फील्ड पर इस से पहले आतंकवादी संगठन दाइश का तीन वर्षों तक क़ब्ज़ा रहा।
हमारा यह कहना गलत नहीं होगा कि युद्ध का दूसरा चरण, सीरिया और इराक़ के सीमावर्ती इलाक़ों में शुरु हो चुका है जहां गैस और तेल के भंडार हैं और वहां अमरीकी छावनियां हैं और अमरीकी सैनिक इन भंडारों की रखवाली कर रहे हैं। लगता है गोरिल्ला युद्ध आंरभ हो चुका है जिसकी मदद से इराक़ियों ने अमरीकियों को अपना देश छोड़ने पर विवश किया और जिसमें कम से कम 500 अमरीकी सैनिक मारे गये थे।
वर्तमान प्रतिरोध मोर्चे को मज़बूत बनाने और हथियार देने में सीरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और सीरियाई खुफिया एजेन्सी के पास गोरिल्ला युद्ध के बारे में काफी मालूमात है। सीरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय के प्रमुख जनरल अली ममलूक की पूर्वी सीरिया की यात्रा और क़बाइली सरदारों से भेंट को अलग तरह की लड़ाई की भूमिका भी समझा जा सकता है।
सीरिया का तेल और गैस सीरिया की राष्ट्रीय संपत्ति और हर सीरियाई नागरिक का उस पर अधिकार है और उसकी आमदनी , सीरिया के राष्ट्रीय खज़ाने में जानी चाहिए। हमें पूरा यक़ीन है कि सीरियाई सेना, सीरियाई प्रतिरोधक गुटों, इराक़ी स्वंय सेवी बल की सहायता के फुरात नदी के पूर्वी तट पर सीरिया का क़ब्ज़ा फिर से क़ायम कर देगी और यह यह बल मिल कर अमरीकी सैनिकों को वहां से खदेड़ देंगे।