इन तीन यूरोपीय देशों ने इस ख़त में गुटेरस से कहा है कि वे ईरान के मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में अपनी अगली रिपोर्ट में बताएं कि ये मीज़ाइल सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 के दायरे में नहीं आते हैं। इन देशों ने इससे पहले भी यह दावा किया था लेकिन चूंकि उनका दावा, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 की विषय वस्तु के विपरीत है, इस लिए वे सुरक्षा परिषद को कोई प्रस्ताव पारित करने या बयान जारी करने पर तैयार नहीं कर सके थे। अमरीका व उसके घटक, जो विकसित तकनीकों पर अपना एकाधिकार समझते हैं, दावा करते हैं कि ईरान की ओर से अंतरिक्ष में उपग्रह भेजना या मीज़ाइल का प्रक्षेपण करना, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 का उल्लंघन है।
ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ इस प्रकार के दावों के जवाब में कई बार कह चुके हैं कि जो लोग परमाणु समझौते की विषय वस्तु से अवगत हैं, वे जानते हैं कि ईरान की ओर से मीज़ाइल का परीक्षण या उपग्रह का प्रक्षेपण, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने कहा है कि यह प्रस्ताव ईरान से केवल यह मांग करता है कि वह परमाणु वाॅर हेड वाले मीज़ाइल न बनाए और ईरान का कोई सैन्य परमाणु कार्यक्रम नहीं है। उनके बयान की अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए ने भी अपनी 16 से अधिक रिपोर्टों की पुष्टि की है। आईएईए ने ईरान की ओर से परमाणु समझौते के पालन और उसके परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि की है।