इस भेंटवार्ता में आपसी हितों से संबंधित द्विपक्षीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। यह ओमान के विदेश मंत्री का पिछले नौ महीनों के दौरान तेहरान का तीसरा दौरा था।
यह भेंटवार्ता ऐसी हालत में हुयी कि ईरान के उपविदेश मंत्री सय्यद अब्बास इराक़ची ने भी बीजिंग के दौरे के बाद, सोमवार को अपने जापान के दौरे पर क्षेत्रीय मामलों और परमाणु समझौते जेसीपीओए के बारे में बाताचीत की।
इराक़ची ने टोक्यो में "पश्चिम एशिया में मुख्य ताक़तों की कार्यवाही और उनका अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर नामक बैठक" में कहा कि पश्चिम एशिया को शांति की ज़रूरत है और क्षेत्र के देशों को चाहिए कि वे क्षेत्र की सुरक्षा ख़ुद करें।
जैसा कि ईरानी राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में अपने भाषण में हुर्मुज़ शांति पहल नामक एक योजना पेश की जिसका लक्ष्य क्षेत्र के सभी देशों के लिए फ़ार्स की खाड़ी और हुर्मुज़ स्ट्रेट में शांति, सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखना है। इस योजना के तहत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्रीय देशों के बीच आपस में सहयोग का माहौल बनाना है।
अनुभव दर्शाता है कि क्षेत्र के मामलों का हल क्षेत्र के भीतर होगा और जो लोग बाहर से आएं हैं वह क्षेत्र में शांति व सुरक्षा क़ायम नहीं कर सकते।
अमरीकी 2001 से क्षेत्र में मौजूद हैं लेकिन कभी भी क्षेत्र में सुरक्षा क़ायम नहीं कर पाए।
ब्लूमबर्ग वेबसाइट ने अपनी ताज़ा समीक्षा में लिखा है कि फ़ार्स की खाड़ी के तटवर्ती देश जो अब अमरीका के समर्थन के संबंध में हतोत्साहित हैं, ईरान के साथ संबंध बेहतर करने का रास्ता ढूंढ रहे हैं। ब्लूमबर्ग की नज़र में अरब देश ट्रम्प की ईरान विरोधी नीतियों से दूर हो रहे हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में ओमान के विदेश मंत्री यूसुफ़ बिन अलवी ने तेहरान में कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति व सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय देशों के बीच मौजूद भ्रान्तियों के दूर होने और आपस में सहमति व संधि होने की ज़रूरत है।
जो बात स्पष्ट है वह यह कि ईरान ने क्षेत्र में कभी भी अपनी ताक़त का प्रदर्शन नहीं किया और न ही वह किसी के लिए ख़तरा है। इस दृष्टि से तेहरान में ओमान के विदेश मंत्री की ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत को क्षेत्रीय देशों को एक दूसरे के निकट लाने के लिए कूटनैतिक कोशिश कहा जा सकता है। यह ऐसा क़दम है जो क्षेत्र के अन्य देशों के साथ बातचीत व समन्वय का रास्ता समतल कर सकता है जो क्षेत्र में सुरक्षा के लिए गंभीर हैं।