1 दिसंबर 2019 - 17:26
आयतुल्लाह सीस्तानी के निर्देश के बाद, इराक़ी प्रधान मंत्री ने की अपने पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा

इराक़ी प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल मेहदी ने देश के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह अली सीस्तानी के निर्देश के अनुसार, अपने पद से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है।

पिछले दो महीने से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद, शुक्रवार को आयतुल्लाह सीस्तानी ने इराक़ी संसद से देश को वर्तमान संकट से निकालने के विकल्पों पर विचार करने की अपील की थी।

बग़दाद के तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने प्रधान मंत्री के इस्तीफ़े के फ़ैसले की घोषणा के बाद, ख़ुशियां मनाईं, लेकिन साथ ही देश की पूरी राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की मांग दोहराई।

आदिल अब्दुल मेहदी का कहना था कि देश के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु के निर्देश के मुताबिक़, मैं संसद में अपना इस्तीफ़ा पेश करके उससे अनुरोध करूंगा कि वर्तमान सरकार के नेतृत्व से मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया जाए।

इराक़ी प्रधान मंत्री का कहना था कि इस उनके इस क़दम से संसद को अन्य विकल्पों पर ग़ौर करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहाः सभी जानते हैं कि मैंने इससे पहले भी सार्वजनिक और आधिकारिक रूप से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की थी।

हालांकि उन्होंने इस्तीफ़ा देने के लिए किसी समय सीमा का एलान नहीं किया। इराक़ी संसद रविवार को आपात सत्र का आयोजन करेगी।

आयतुल्लाह सीस्तानी ने शुक्रवार को जारी किए अपने बयान में प्रदर्शनकारियों से भी अपील की थी कि वे उपद्रवियों और हिंसा फैलानों वालों से ख़ुद को अलग कर लें।

इराक़ में आर्थिक सुविधाओं के अभाव और व्यापक भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ पिछले दो महीने से लोग सड़कों पर हैं, लेकिन इसी दौरान इराक़ी राष्ट्र के दुश्मन विरोध प्रदर्शनों को हिंसक बनाकर इराक़ी सरकार के तख़्लापलट की साज़िश रच रहे हैं।

विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और आगज़नी की घटनाओं में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि गुरुवार 28 नवम्बर को सबसे अधिक हिंसा हुई और बग़दाद, नासेरिया और नजफ़ में एक ही दिन में 40 से ज़्यादा लोग मारे गए।

इराक़ के राजनीतिक गलियारों का कहना है कि वरिष्ठ शिया धर्मगुरु और अन्य राजनीतिक गुटों की इच्छा के अनुसार, संसद अब्दुल मेहदी का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लेगी।

इराक़ी संविधान के अनुच्छेज 81 के अनुसार, राष्ट्रपति से अपेक्षा की जाती है कि वह 15 दिनों की अवधि में "एक अन्य व्यक्ति को मंत्रिपरिषद का गठन करने के लिए नामित करे।

77 वर्षीय आदिल अब्दुल मेहदी ने क़रीब एक साल पहले ही आम चुनाव के बाद हफ़्तों तक जारी रहने वाले राजनीतिक गतिरोध के बाद प्रधान मंत्री पद संभाला था।