29 नवंबर 2019 - 18:21
परमाणु समझौता आईसीयू में पहुंच चुका है, अब यूरोपीय पक्ष इसे बचा सकते हैं

ईरान के उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची ने यूरोपीय पक्षों की ओर से अपने वचनों को पूरा करने को परमाणु समझौते को बचाने का एकमात्र रास्ता क़रार दिया है।

अपने एक इन्टव्यू में ईरान के वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची का कहना था कि परमाणु समझौते को बचाने की आशाएं अभी पूरी तक ख़त्म नहीं हुई हैं किन्तु इसके लिए यूरोपीय पक्षों को अपने वचनों पर अमल करना होगा।

उन्होंने कहा कि परमाणु समझौता आईसीयू में पहुंच चुका है इसीलिए यूरोप को अपने प्रयास तेज़ करने होंगे ताकि इस समझौते को बचाया जा सके।

ईरान के उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार ने कहा कि परमाणु समझौते से ईरान ने जो पाठ हासिल किया है वह यह है कि इस समझौते पर एकपक्षीय रूप से अमल का परिणाम ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों में वृद्धि के रूप में सामने आया है और दूसरे यह कि सहयोग के रुझान से अधिक प्रतिरोध और डटे रहना अधिक प्रभावी सिद्ध होता है।

उन्होंने कहा कि यदि परमाणु समझौते के हवाले से यह स्थिति जैसी की तैसी बाक़ी रही तो ईरान भी अपना रवैया बदलने पर मजबूर हो जाएगा।

इस सवाल के जवाब में कि क्या ईरान, अमरीका के साथ उसके मनपसंद समझौते के बारे में वार्ता के लिए तैयार है? सैयद अब्बास मूसवी का कहना था कि ईरान परमाणु समझौते और मीज़ाइल कार्यक्रम पर कोई वार्ता नहीं करेगा क्योंकि मीज़ाइल कार्यक्रम का हमारी सुरक्षा से सीधा संबंध है।

ज्ञात रहे कि अमरीका के समझौते से निकल जाने के बाद ईरान ने यूरोपीय वचनों पर अमल के लिए एक साल तक प्रतीक्षा की और फिर समझौते के अनुच्छेद 26 और 36 के अनुसार इस समझौते पर अमल के स्तर में कमी की चरणबद्ध ढंग से शुरुआत कर दी। ईरान अब तक इस संबंध में चार चरण अंजाम दे चुका है।