29 नवंबर 2019 - 18:18
सिर्फ़ ईरान में आंतरिक उपद्रव के माध्यम से इस्राईल के ख़िलाफ़ ख़तरे को कम किया जा सकता हैः अमरीकी समीक्षक

अमरीका के एक समीक्षक ने बताया है कि इस्राईल की गुप्तचर सेवा और पहलवी शासन के काल में ईरान में इस्राईल के अंतिम राजदूत की मदद से ईरान में उपद्रव की योजना तैयार की गई थी और इराक़ व लेबनान में भी अशांति, अमरीका की नीति के चलते ही फैलाई गई है।

अमरीका के एक यहूदी समीक्षा केनेथ टिमरमैन ने लिखा है कि ईरान के अंदर विद्रोह व उपद्रव से ज़ायोनी शासन के समक्ष मौजूद ख़तरे ख़त्म हो जाएंगे। टिमरमैन का कहना है कि वे पहलवी शासन के दौरान ईरान में इस्राईल के अंतिम राजदूत एवरी लूबरानी के साथ सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने ईरान की वर्तमान व्यवस्था को उखाड़ने के लिए एक योजना तैयार की है। उनका कहना है कि विरोधियों के माध्यम से ईरान में उपद्रव फैलाना, एक संपूर्ण युद्ध के मुक़ाबले में बहुत सस्ता विकल्प है।

 

एक इस्राईली वेबसाइट का कहना है कि टिमरमैन की योजना को व्यवहारिक बनाने के लिए तीस करोड़ डाॅलर की ज़रूरत थी जबकि एक पूर्व अमरीकी अधिकारी ने कहा था कि यह योजना पंद्रह करोड़ डाॅलर में भी पूरी हो सकती है। इस योजना की कठिनाइयों में से एक उचित आर्थिक स्रोतों और ईरान के अंदर उपद्रव फैलाने वालों से संपर्क का अभाव है। टिमरमैन का कहना है किअमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प, अपने देश को पश्चिमी एशिया के क्षेत्र में किसी दूसरी जंग में झोंकने के विरोधी  हैं। इस अमरीकी समीक्षक ने दावा किया है कि ट्रम्प जानते हैं कि ईरान के लोग आर्थिक भ्रष्टाचार से थक चुके हैं और अमरीकी दबाव ने उनकी अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंचाई है।

 

इस अमरीकी समीक्षक ने इस सवाल के जवाब में कि क्या इराक़ व लेबनान में होने वाले प्रदर्शन अमरीका द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ क़दम के रूप में कराए गए थे? कहा कि हां, ऐसा ही है। ये प्रदर्शन अमरीका की नीति के अंतर्गत हुए और अमरीका, ईरान को ठप्प कर देना चाहता है और ईरानी जनता को सरकार के ख़िलाफ़ भड़काना चाहता है। टिमरमैन ने बताया कि इतिहास में पहली बार अमरीकी सरकार ने ईरान में उपद्रवियों को आवश्यक साॅफ़्ट वेयर और हार्ड वेयर उपलब्ध कराए ताकि इंटरनेट बंद होने के बावजूद वे एक दूसरे के भी संपर्क में रहें और पश्चिमी देशों से भी संपर्क करते रहें। लिबरमैन ने बताया कि वे इन उपकरणों का ब्योरा नहीं दे सकते।

 

अमरीका के यहूदी समीक्षा केनेथ टिमरमैन ने ईरान में सरकार और शासन व्यवस्था को जड़ से उखाड़ फेंकने के बारे में अमरीकी अधिकारियों द्वारा बरसों से दिए जा रहे बयान के विपरीत कहा कि यह काम ईरान के अंदर से होना चाहिए। यह असंभव है कि कोई भी देश या विदेशी संगठन, ईरान की सरकार को बदल दे। टिमरमैन ने इसी तरह सऊदी अरब की आरामको तेल कंपनी पर यमन के मीज़ाइल व ड्रोन हमलों के बारे में कहा कि यह बात अब तक स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों का आरंभ बिंदु कहां था? उन्होंने सऊदी अरब की वायु सीमा में घुसपैठ की लेकिन सवाल यह है कि किस तरह? इससे पहले ज़ायोनी शासन के विभिन्न अधिकारियों जैसे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने ईरान में हुए हालिया उपद्रवों का समर्थन किया था।