24 नवंबर 2019 - 17:10
आतंकवाद के जनक देश, अपने हाथों पैदा की हुई मुश्किलों को ईरान से न जोड़ेंः मूसवी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि आतंकवाद के जनक देश, अपने हाथों पैदा की हुई मुश्किलों को ईरान से जोड़ रहे हैं।

सैयद अब्बास मूसवी ने यह बात मनामा बैठक में ईरान के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की प्रतिक्रिया में कही।  उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान इनको महत्वहीन मानता है।

बहरैन की राजधानी मनामा में शुक्रवार की रात "मनामा वार्ता" के शीर्षक के अन्तर्गत 15वीं बैठक आरंभ हुई थी।  सऊदी अरब के उप विदेशमंत्री आदिल अब्दुल जुबैर और यूएई के उप विदेशमंत्री अनवर क़रक़ाश ने कल रात इस बैठक में ईरान पर क्षेत्र में विध्वंसक कार्यवाहियां करने का आरोप लगाया।

इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसवी ने कहा कि वे देश जो आतंकवाद के जनक और अतिवाद को फैलाते हुए पड़ोसी देशों के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं, वे अपनी समस्याओं को ईरान के गले नहीं मढ़ सकते।  सैयद अब्बास मूसवी ने कहा कि सऊदी अरब के नेतृत्व में यमन पर हमला, वहां के हज़ारों लोगों का जनसंहार, यमन की मूलभूत संरचना को नष्ट करना और एक वैध सरकार को गिराने जैसी कार्यवाहियां, इतिहास से मिट नहीं सकतीं बल्कि यह अमिट हो चुकी हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन देशों से मांग की है कि वे वास्तविकता को स्वीकार करते हुए क्षेत्र की प्रगति एवं विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए।