16 नवंबर 2019 - 11:40
अमरीकी गुप्तचर सेवा सीआईए के पूर्व प्रमुख David Petraeus ने सीएनबीसी टीवी चैनेल से बात करते हुए बताया है कि सऊदी अरब का बजट घाटा

इस्राईली इतिहाकार " प्रोफेसर ओरीबार यूसेफ" ने उनके अनुसार तथ्यों पर आधारित तीन बातें लिखी हैं। इन में एक यह है कि युद्ध बहुत जल्द होने वाला है और यह युद्ध ईरान और इलाक़े में उसके घटकों के खिलाफ होगा, दूसरी बात उन्होंने कही है कि इस युद्ध में इस्राईल को जानी और माली भारी नुक़सान होगा जो इस्राईल के अस्तित्व में आने के बाद उसे पहुंचने वाला सब से बड़ा नुक़सान होगा। तीसरी बात जो इस इस्राईली प्रोफेसर ने कही है वह यह है कि इस्राईली सेना, युद्ध जीतने में कामयाब नहीं हो पाएगी अलबत्ता दूसरे पक्ष को भी

  इस्राईली इतिहाकार " प्रोफेसर ओरीबार यूसेफ" ने आगे कहा कि इस्राईली प्रधानमंत्री नेतेन्याहू और सेनाध्यक्ष जनरल एवीव कूखाफी के बयानों से भी यह सिद्ध होता है कि पहली और दूसरी बात से वह भी सहमत हैं लेकिन वह युद्ध नहीं चाहते इस लिए उन्हें चाहिए कि यह इस युद्ध को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करें।

    इस्राईली इतिहाकार " प्रोफेसर ओरीबार यूसेफ" ने इस्राईली समाचार पत्र हारित्ज़ में प्रकाशित होने वाले अपने लेख में लिखा है कि नेतेन्याहू को यह लगता है कि वह चर्चिल हैं और उन्हें ईरान में नाज़ियों जैसा खतरा नज़र आता है यही वजह है कि हम देखते हैं कि इस्राईल ने गत एक दशक के दौरान अपनी सारी शक्ति, ईरान के साथ युद्ध के लिए शक्ति बटोरने पर केन्द्रित कर रखी है, युद्ध रोकने पर नहीं।

 इस इस्राईली लेखक ने कहा है कि नेतेन्याहू ने इस्राईल के बहुत से राज़ प्रकट कर दिये और खुफिया जानकारियां भी यहां तक कि संयुक्त  राष्ट्र संघ में भी दी लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि दुनिया के अन्य देशों को ईरान के साथ शांतिपूर्ण व्यवहार में अपना फायदा नज़र आया।

    युसेफ ने लिखा है कि नेतेन्याहू को यह समझना चाहिए कि अतीत में इस्राईल को जिस तरह के खतरों का सामना रहा है उनके विपरीत अब जो खतरे हैं उनसे निपटने के लिए इस्राईल के पास कोई तरीका नहीं है। आज इस्राईल को हिज़्बुल्लाह के हाथों में मौजूद दसियों हज़ार मिसाइल से जो खतरा है वह पहले कभी  नहीं रहा। यह मिसाइल जब  इस्राईल पर बरसेंगे तो उनसे कोई रिफाइयनरियों को ही नुकसान नहीं पहुंचेगा बल्कि तेलअबीव की बड़ी बड़ी इमारतें भी ध्वस्त होंगी। हिज़्बुल्लाह, तेलअबीब को खंडहर में बदल सकता है।

    इस्राईली इतिहाकार " प्रोफेसर ओरीबार यूसेफ" ने लिखा है कि यह पूरी तरह से साफ हो चुका है कि इस्राईल आने वाले युद्ध में भयानक, दर्दनाक और बड़ी क़ीमत  चुकाएगा और उसे जीत तो मिलेगी ही नहीं। इस्राईल का स्ट्रेटजिक मंत्रालय, इस भयानक खतरे की ओर ध्यान नहीं दे रहा है बल्कि वह अपनी पूरी शक्ति इस्राईल के बहिष्कार के आंदोलन " बीडीएस" से मुकाबले पर केन्द्रित कर रहा है।

          इस्राईली इतिहाकार " प्रोफेसर ओरीबार यूसेफ" ने अंत में इस्राईल की खुफिया एजेन्सी मोसाद की आलोचना करते हुए लिखा है कि अगर ईरान या क्षेत्र में उसके घटकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा गया तो उसकी क़ीमत इस्राईल को अदा करना होगी जो बहुत भारी होगी।