तेहरान के इमामे जुमा आयतुल्लाह मुहम्मद इमामी काशानी ने विश्व वर्चस्ववाद के बढ़ते प्रभाव को क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं का कारण बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय लोगों को होशियारी और पूरी जागरूकता के साथ दुश्मन के मुक़ाबले में डट जाना चाहिए। आयतुल्लाह काशानी ने जुमे के ख़ुत्बे में कहा कि जिन्होंने यमन और फ़िलिस्तीन पर हमला किया और जो लोगों पर बमबारी कर रहे हैं वे वास्तव में इस्लामी जगत को नष्ट करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह काम, पूरे इस्लामी जगत के अपमान जैसा है जो इस्लामी जगत का अनादर करने वाला कृत्य है। इमामी काशानी ने कहा कि अगर मुसलमान एकजुट हो जाएं तो फिर शत्रु उनपर वर्चस्व नहीं जमा सकता।
तेहरान के इमामे जुमा आयतुल्लाह काशानी ने इस्लामी गणतंत्र ईरान को यहूदी विरोधी दर्शाने के प्रयासों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ज़ायोनी, न तो यहूदी हैं और न ही इसाई हैं बल्कि वे ईश्वर के विरोधी होने के साथ ही मानवता विरोधी भी हैं। आयतुल्लाह काशानी ने बताया कि स्वयं यहूदी भी ज़ायोनियों के विरुद्ध हैं और उनका भी यही मानना है कि ज़ायोनी, ईश्वर विरोधी हैं।
अपने संबोधन के दूसर भाग में आयतुल्लाह काशानी ने कहा कि इराक़ी जनता ने इस देश के धार्मिक नेतृत्व का अनुसरण करते हुए अपने देश के विरुद्ध सुनियोजित षडयंत्र को विफल बना दिया। उन्होंने कहा कि इराक़ी जनता को अपनी वैध मांगों को लेकर प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है किंतु इसका ध्यान रखना चाहिए कि उनके प्रदर्शनों का दुरूपयोग किया जाए।