रूसी विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता " मारिया ज़ाख़ारोवा" ने ईरान के खिलाफ अमरीकी नीतियों को विनाशकारी और संकीर्ण दृष्टिकोण बताया और कहा कि परमाणु समझौते का संभावित अंत, अमरीका के एक पक्षीय रूप से निकल जाने और युरोपीय देशों की ओर से अपने वचनों के पालन न करने की वजह से होगा।
ज़ाखारोवा ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि युरोपीय पक्षों ने ईरान के सामने अपनी कमज़ोरी सिद्ध कर दी है कहा कि जेसीपीओए का अंत एक बेहद अवांछित विकल्प है।
याद रहे 8 मई सन 2018 में परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बाद, जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस ने वादा किया था कि वह ईरान को आर्थिक हितों की रक्षा करके इस समझौते को बाकी रखेंगे। इन देशों ने अमरीका के खिलाफ बयानों के बावजूद अभी तक अपने किसी भी वचन का पालन करने में सफल नहीं हुए हैं।
ईरान ने अमरीका के निकलने एक साल बाद तक रणनीतिक संयम से काम लिया और उसके बाद समझौते के अनुच्छेद 26 और 36 के आधार पर, समझौते में दिये गये अपने वचनों के पालन में कमी का क्रम आरंभ कर दिया।
ईरान ने गत बुधवार को इस दिशा में चौथा क़दम उठा लिया। हालांकि ईरान ने हमेशा इस बात पर बल दिया है कि युरोप पक्षों द्वारा अपने वचनों के पालन की दशा में ईरान तत्काली पीछे हट जाएगा।