पश्चिमी एशिया के मामलों में चीन के विशेष प्रतिनिधि ज़ाई जून ने ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी वित्त मंत्रालय के ताज़ा प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि पश्चिमी एशिया की वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति, ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंधों व दबावों और परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकल जाने से संबंधित है। उन्होंने कहा कि बीजिंग को आशा है कि फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए क़दम उठाए जाएंगे।
अमरीका के वित्तमंत्रालय ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के ख़िलाफ़ अपनी दुश्मनी जारी रखते हुए सोमवार को ईरान की एक संस्था और 9 लोगों को प्रतिबंधित संस्थाओं व लोगों की अपनी सूची में शामिल कर लिया है। अमरीकी सरकार ने मई 2018 में परमाणु समझौते से निकलने के बाद अब तक ईरान के लोगों व संस्थाओं के ख़िलाफ़ कई बार ग़ैर क़ानूनी प्रतिबंध लगाए हैं। यह ऐसी स्थिति में है कि जब विश्व बैंक और विश्व मुद्रा कोष जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने अपनी ताज़ा रिपोर्टों में कहा है कि ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों का प्रभाव समाप्त हो चुका है और इस देश की अर्थव्यवस्था नए साल से सामान्य स्थिति पर लौट सकती है।