पूर्व अमरीकी दूतावास के परिसर की दीवारों पर यह चित्र ख़ास तौर से अमरीकी झंडे के रंगों में बनाए गए हैं, जिनका अनावरण आईआरजीसी के चीफ़ कमांडर हुसैन सलामी के हाथों किया गया है।
16 म्यूरल्स या दीवारों पर बनाए गए चित्रों में स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी को बिखरते हुए और टुकड़े टुकड़े होते हुए देखा जा सकता है, उसका दाहिना हाथ जिसमें वह मशाल उठाए हुए है आधा टूटा हुआ है और मूर्ती में दरारे पड़ी हुई हैं।
एक अन्य चित्र में एक रिवाल्वर को तारों और धारियों के पैटर्न के साथ चित्रित किया गया है, लेकिन इसकी नाल नीचे की ओर झुकी हुई है और गोली नीचे गिर रही है।
एक चित्र में ईरान द्वारा मार गिराए गए अमरीका के सबसे आधुनिक ड्रोन विमान ग्लोबल हॉक को दिखाया गया है, जिसके ऊपर अबाबील या छोटे परिंदे उड़ रहे हैं।
चौथे चित्र में ख़ून से लथपथ खोपड़ियों के समुद्र में आई ऑफ़ प्रोविडेंस या त्रिकोण पर एक आंख के चित्र को देखा जा सकता है। 1998 के फ़ीफ़ा विश्व कप में ईरान के हाथों अमरीका की पराजय के पांचवें चित्र में रंग बखेरे गए हैं।
अमरीकी दूतावास या जासूसी के अड्डे पर ईरानी छात्रों के निंयत्रण की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर बनाए गए चित्रों में से एक में 3 जुलाई 1988 को फ़ार्स खाड़ी में अमरीकी वायु सेना द्वारा ईरानी यात्री विमान को मार गिराने की घटना को दर्शाया गया है।
इस हमले में विमान पर सवार सभी 290 लोगों की मौत हो गई थी और अमरीका ने इस हमले का आदेश देने वाले सैन्य अधिकारी को पुरस्कृत किया था।