30 अक्टूबर 2019 - 13:37
ब्रिटिश संसद ने समय पूर्व चुनाव पर सहमति प्रकट कर दी, कड़ी ठंडक में 12 दिसम्बर को होंगे आम चुनाव

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जाॅन्सन आख़िरकार समय पूर्व चुनाव कराने के लिए संसद के निचले सदन की मंज़ूरी लेने में कामयाब हो गए।

मंगलवार को ब्रितानी सांसदों ने 12 दिसम्बर को आम चुनाव कराए जाने के पक्ष में वोट दे दिया। ब्रितानी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ कॉमन्स में 12 दिसम्बर के चुनाव के पक्ष में 438 सांसदों ने वोट दिया जबकि इसके विरोध में 20 वोट पड़े। इस तरह 418 वोटों के बहुमत से ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की 12 दिसम्बर को चुनाव कराने की योजना सफल हो गई। पिछले पाँच साल में यह ब्रिटेन का तीसरा आम चुनाव होगा। ब्रिटेन में अब 12 दिसम्बर को चुनाव होगा और 13 दिसम्बर को नतीजे सामने आ जाएंगे। 1923 के बाद यह पहली बार होगा जब ब्रिटेन में दिसम्बर में चुनाव होगा।

 

मंगलवार को जॉनसन अपनी योजना के और क़रीब पहुंच गए थे जब सांसदों ने औपाचारिक वोट के ज़रिए उनके प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेबर पार्टी के सांसद चाहते थे कि चुनाव 9 नवम्बर को कराए जाएं। पार्टी का कहना है कि 9 नवम्बर को चुनाव होने से यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए वोट देने में आसानी होगी क्योंकि तब तक शैक्षणिक सत्र चल रहा होगा। लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा कि वे भी जल्दी चुनाव कराए जाने के पक्ष में हैं।इससे पहले सांसदों ने तीन बार जाॅन्सन के प्रस्ताव का विरोध करके उसे आगे बढ़ने से रोक दिया था।

 

इस बीच यूरोपीय संघ ने ब्रिटेन के अलग होने की समय सीमा अगले साल 31 जनवरी तक बढ़ा दी है। संघ का कहना है कि अगर ब्रितानी संसद 31 जनवरी से पहले किसी समझौते को मंज़ूरी दे देती है, तो ब्रिटेन, यूरोपीय संघ से अलग हो सकता है। ज्ञात रहे कि ब्रिटेन में ब्रेग्ज़िट का समर्थन और विरोध दोनों चरम पर हैं। इसके विरोधी इसे आपदा बताते हैं और कहते हैं कि संसद को निलंबित करने से ब्रिटिश लोकतंत्र को क्षति पहुँचेगी जबकि इसके समर्थकों का कहना है कि सांसद नो ब्रेग्ज़िट डील के द्वारा ब्रिटिश नागरिकों की राय की उपेक्षा कर रहे हैं। 2016 में ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह में 52 प्रतिशत लोगों ने ब्रेग्ज़िट का समर्थन किया था जबकि 48 प्रतिशत लोगों ने इसका विरोध किया था।