रासुल ऐन शहर में पहले धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं जिसके बाद धुएं के बादल उठते दिखाई दिए। रोयटर्ज़ के संवाददाता ने भी बताया कि शुक्रवार को रासुल ऐन में धमाकों की आवाज़ें सुनी जा रही हैं।
मीडिया कर्मियों ने बताया कि गुरुवार की रात बारह बजे तक लड़ाई होती रही जिसके बाद शांति हुई मगर शुक्रवार की सुबह आठ बजे से फिर झड़पें शुरू हो गई हैं।
तुर्की और अमरीका के बीच होने वाले समझौते पर सीरिया की सरकार को भी गहरा संदेह है और रूस ने भी कहा है कि उसे इस समझौते के ब्योरे का इंतेज़ार है।
संदेह का कारण यह है कि सीरिया संकट की आग भड़काने में तुर्की और अमरीका दोनों की प्रमुख भूमिका रही है और इन देशों की इंटैलीजेन्स एजेंसियों ने सीरिया के भीतर उग्रवादी संगठन तैयार किए थे जिनका लक्ष्य बश्शार असद सरकार का तख्ता उलटना था अब यही संगठन आपस में लड़ रहे हैं जबकि अमरीका द्वारा समर्थित कुर्द फ़ोर्सेज़ के ख़िलाफ़ तुर्की सैनिक आप्रेशन कर रहा है।