मिडिल ईस्ट आई ने यूएई के एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र के हवाले से यह रहस्योद्घाटन करते हुए कहा है कि प्रिंस तहनून फ़ार्स खाड़ी के देशों के बीच तनाव को कम करने के उद्देश्य से तेहरान की यात्रा पर हैं।
जब से फ़ार्स खाड़ी में संकट की शुरूआत हुई है, उसके बाद से दोनों देशों के बीच यह सबसे उच्च स्तर की बैठक है।
मई में यूएई की फ़ुजैरा बंदरगाह पर 4 ऑयल टैंकरों पर हुए हमले के बाद अमरीका और इस्राईल ने हमलों का आरोप ईरान पर लगाया था, लेकिन यूएई और सऊदी अरब ने जांच पूरी होने तक किसी नतीजे पर पहुंचने से इनकार कर दिया था। ईरान पर आरोप लगाने के बजाए यूएई ने अपनी नौसेना के अधिकारियों को अपने ईरानी समकक्षों से मुलाक़ात के लिए ईरान भेजा था। हालांकि क्राउन प्रिंस के भाई के इस हफ़्ते के दौरे को ख़ुफ़िया रखा गया है।
संयुक्त अरब इमारात ने पिछले कुछ महीनों के दौरान, ईरान को लेकर अपना लहजा काफ़ी नर्म किया है। ब्रिटेन, जर्मनी और फ़्रांस ने जब फ़ार्स खाड़ी में सैन्य टकराव के लिए अमरीका के प्रयासों का समर्थन करने से इनकार कर दिया्रांस ने जब फ़ार्स खाड़ी में सैन्य टकराव के लिए अमरीका के प्रयासों का समर्थन लेकिन यूएई और सऊदी अरब ने जा तो यूएई के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अनवर क़रक़ाश ने यूरोपीय देशों के इस क़दम की सराहना की थी।
क़रक़ाश का कहना थाः हर मोड़ पर यूएई, ईरान के साथ टकराव से बचा है। हम तनाव को कम करने के लिए हर ज़रूरी क़दम उठाते रहेंगे। जब भी ज़रूरी होगा हम आत्म रक्षा के लिए तैयार रहेंगे, लेकिन संयमर और पूरे विवेक के साथ।
अब यूएई की राष्ट्रीय सुरक्षा के सलाहकार तेहरान में ऐसी स्थिति में ख़ुफ़िया मिशन पर हैं, जब ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान और इराक़ की मध्यस्थता की ख़बरें मीडिया में आ रही हैं।
पाकिस्तान के प्रधान मत्री ने रविवार को अपनी तेहरान की यात्रा के दौरान इस्लामी क्रांति के लीडर और राष्ट्रपति से मुलाक़ात की और क्षेत्र में शांति की स्थापना के विकल्पों पर विचार विमर्श किया।
इससे पहले सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने इराक़ी प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल मेहदी को सऊदी अरब की यात्रा के लिए आमंत्रित करके उनके हाथ तेहरान के लिए संदेश भेजा था।
दूसरी ओर यूएई ने ईरान के साथ अपने रिश्तों की बहाली के लिए हालिया दिनों में कुछ क़दम भी उठाए हैं। यूएई ने यमन से अपने सैनिकों को निकालने का एलान भी किया है।