हिन्दी सेवा के लिए दिल्ली से संवाददाता शमशाद काज़मी को सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईआरआईबी प्रमुख अब्दुल अली असकरी ने मीडिया में काम के दौरान शहीद होने वाले पत्रकारों को याद करते हुए कहा कि योरोपीय देश अमरीका के पिट्ठु हैं और वे अमरीकी शैतान की सभी नीतियों का पालन करते हैं।
विदेश सेवा के प्रमुख पैमान जिबिल्ली ने भी इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि इस्लामी क्रान्ति कभी भी सीमाओं में रुकी नहीं रही है, कहा कि इस्लामी क्रान्ति पर मानवीय व वैश्विक ज़िम्मेदारी है।
आईआरजीसी के मुख्य कमान्डर हुसैन सलामी ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जंग अब मैदान में लड़ने के बजाए दिमाग़ और सोच के पटल पर लड़ी जा रही हैं इसलिए जो भी दिमाग़ को बेहतर ढंग से संचालित कर सकेगा वही इस लड़ाई में अधिक सफल होगा।