रोयटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार सरकार की ओर से अदालीत में जमा किए गये दस्तावेज़ों में बताया गया है कि प्रधानमंत्री क़ानून के अनुसार अमल करेंगे किन्तु प्रधानमंत्री के बयान में विरोधाभास के हवाले से ब्योरा नहीं दिया गया।
सरकार विरोधियों का कहना है कि प्रधानमंत्री स्वयं को बचाने के लिए क़ानूनी रास्ते अपनाएंगे या यूरोपीय संघ के विस्तार की अपील से इन्कार के लिए दबाव डालने का प्रयास करेंगे।
प्रधानमंत्री बोरिस जान्सन की ओर से बैन एक्ट से बचने के लिए स्काटलैंड की अदालत में दस्तावेज़ जमा कराए हैं। यह क़ानून पिछले महीने ब्रिटिश संसद में मंज़ूर किया गया था जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री के लिए आवश्यक है कि अगर वह अगले दो सप्ताह में समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पाते तो उन्हें विस्तार के लिए अपील करनी पड़ेगी।
ज्ञात रहे कि पिछले महीने की प्रधानमंत्री बोरिस जान्सन ने कहा था कि वह क़ानून पर अमल करेंगे किन्तु ब्रिग्ज़िट समझौते की तारीख़ में विस्तार की मांग से बेहतर है कि मैं खाई में गिर कर मर जाऊं।