एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार बीजिंग में विदेशमंत्रालय ने वाशिंग्टन से व्यापारिक युद्ध की समाप्ति के लिए वार्ता पर बल दिया जिसके कारण अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञात रहे कि चीन की ओर से ताज़ा प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई कि जब अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की सरकार चीनी कंपनियों को अमरीकी स्टाक एक्सचेंज की सूची से निकालने की संभावना पर विचार कर रही है।
उक्त ख़बर के सार्वजनिक होते ही चीनी कंपनी अली बाबा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयर व्यापार के दौरान 2 से 4 प्रतिशत तक गिर गये। तीन सप्ताह में आफ़ शोर मार्केट्स में चीनी करेंसी यूआन डॉलर के मुक़ाबले में 0.4 प्रतिशत गिर चुकी है।
चीन के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता गैंग शुवांग ने कहा कि अमरीका और चीन के बीच व्यापारिक संबंध समाप्त करने से दोनों देशों के हितों और लोगों को ठेस पहुंचेगी, वित्तीय मंडली में हड़कंप मच जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास को ख़तरा पैदा हो जाएगा।
दूसरी ओर वाइट हाऊस के व्यापारिक सलाहकार पीटर नावरवा ने अमरीकी स्टाक एक्सचेंज की सूची से चीनी कंपनियों को निकालने से संबंधित रिपोर्ट को रद्द कर दिया।
रोयटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अमरीकी एक्सचेंज से संबंधित इस समाचार को "जाली" क़रार दिया।