ईरान के चीफ़ आफ़ आर्मी स्टाफ़ जनरल मुहम्मद बाक़िरी ने चीन के फ़िनिक्स टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि हम यमनी सेना की वैचारिक और परामर्श स्तर पर सहायता कर रहे हैं और हमलावरों को खदेड़ने तक यमनी जनता के साथ खड़े रहेंगे।
मेजर जनरल मुहम्मद बाक़िरी ने फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्र की समस्या तथा इस क्षेत्र में संभावित झड़पों के बारे में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान को कभी भी क्षेत्र में झड़पों में रुचि नहीं रही। उन्होंने कहा कि ईरान सबसे ज़्यादा शांति और स्थिरता के प्रयास में है और पिछले 300 साल के दौरान ईरानी राष्ट्र ने किसी भी राष्ट्र पर लोभी दृष्टि नहीं डाली और न ही कभी युद्ध शुरु करने वाला रहा है।
आर्मी चीफ़ ने कहा कि अमरीका और अन्य देश यह प्रोपेगैंडा कर रहे हैं कि क्षेत्र युद्ध की कगार पर है। उनका कहना था कि हमारे दुश्मनों में युद्ध शुरु करने का साहस नहीं है क्योंकि उनको पता है कि इसका नुक़सान, फ़ायदे से अधिक होगा।
ईरान के चीफ़ आफ़ आर्मी स्टाफ़ जनरल मुहम्मद बाक़िरी ने कहा कि दुश्मन आईआरजीसी से क्रोधित हैं क्योंकि आईआरजीसी ने सीरिया और इराक़ सहिति अन्य स्थानों पर उनके समस्त षड्यंत्रों पर पानी फेर दिया।
उन्होंने प्रतिरोध के मोर्चे को ईरान की मदद के बारे में कहा कि इराक़ और सीरिया में भी हमने इन देशों की क़ानूनी सरकारों की अपील पर उनकी मदद की और उनको सैन्य परामर्श और हथियार व गोला बारूद दिया, उनके साथ समझौता किया किन्तु यमन के बारे में मामला कुछ अलग है।
उन्होंने कहा कि आज यमन का पूरी तरह घेराव है, सारे रास्ते बंद हैं, काफ़ी समय से दवाएं तक नहीं भेजी जा पा रही हैं। उन्होंने ईरानी मीज़ाइलों को यमन भेजने के दावे को रद्द करते हुए कहा कि किस तरह जब दवाएं भेजने की संभावना नहीं रहती, कई मीटर लंबी मीज़ाइलें भेजी जा सकती हैं?