16 सितंबर 2019 - 17:20
अमरीकी ड्रोन गिराने के बाद, अमरीका की दो छावनियों और एक युद्धपोत को निशाने पर ले लिया था मीज़ाइलों ने, वरिष्ठ ईरानी कमान्डर का ब

आईआरजीसी के एरोस्पेस विभाग के वरिष्ठ कमान्डर जनरल अमीर अली हाजीज़ादे का कहना है कि अमरीकी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद क़तर में अमरीकी छावनी अलअदीद और इमरात में अमरीकी छावनी ज़फ़रा तथा ओमान सागर में मौजूद एक अमरीकी युद्धपोत पर मीज़ाइलों ने निशाना साध लिया था।

उन्होंने एक टेलीवीजन कार्यक्रम में कहा कि अमरीका के एमक्यू-4 ड्रोन विमान को मार गिराए जाने सहित कई कार्यवाहियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस कार्यवाही में हमने देश की सीमा के कुछ ही भीतर घुसपैठ करने वाले ड्रोन को मार गिराया था जबकि अमरीका के एक सैन्य वाहक विमान जिसमें 35 सैनिक सवार थे, मार गिराते किन्तु हमने ऐसा नहीं किया और ट्रम्प ने ईरान की जो सराहना की इसका कारण भी यही था।

श्री हाजीज़ादे का कहना था कि हम अपनी धरती के एक मीटर भीतर भी घुसपैठ पर संवेदनशील हैं और अमरीकी ड्रोन का मार गिराया जाना उनके लिए एक चेतावनी थी।

उन्होंने इस सवाल के जवाब में कि यदि अमरीका जवाबी कार्यवाही कर देता तो ईरान क्या करता, कहा कि यदि अमरीका जवाब देता और यदि उसने किसी ख़ाली जगह पर ही हमला कर दिया होता तो हम उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते और यदि वह फिर जवाबी कार्यवाही करते तो फिर युद्ध शुरु हो जाता।

एरो स्पेस के वरिष्ठ कमान्डर ने कहा कि देश की सेनाएं उस समय पूरी तरह तैयार थीं और हमने क़तर, इमारात और ओमान सागर में अपने लक्ष्य साध लिए थे कि यदि अमरीका ने जवाबी कार्यवाही की तो उक्त लक्ष्यों को तबाह कर देंगे।

ईरानी कमान्डर ने कहा कि यह जानना ज़रूरी है कि दो हज़ार किलोमीटर तक अमरीका की समस्त छावनियां और युद्धपोत हमारी मीज़ाइलों के निशाने पर हैं। उन्होंने कहा कि न तो हमारा और न ही अमरीकियों का युद्ध का कोई इरादा है और यदि इस प्रकार की कार्यवाहियां हुई तो फिर युद्ध का बिगुल बज जाएगा।