इस पत्र के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसवी ने कहा है कि इस पत्र में उल्लेख किया गया है कि ईरान, जेसीपीओए के तहत परमाणु क्षेत्र में शोध एवं विकास के अपने सभी वादों पर अमल को रोक रहा है, जिसके बारे में आईएईए को बाद में विस्तृत जानकारी दे दी जाएगी।
मूसवी का कहना था कि ईरान ने यह क़दम जेसीपीओए विशेष रूप से उसके अनुच्छेद 36 के तहत तेहरान के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया है और यह पिछले 16 महीनों के दौरान इस अंतरराष्ट्रीय समझौते के निरंतर उल्लंघन का जवाब है।
ज़रीफ़ ने अपने पत्र के अंत में उल्लेख किया है कि ईरान अपनी सद्भावना दर्शाने के लिए परमाणु समझौते में शामिल पक्षों से हर स्तर पर बात करने के लिए तैयार है और अगर वे अपने वादों पर अमल करते हैं तो ईरान फिर से इस समझौते पर पूर्ण रूप से अमल शुरू कर देगा।
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