रोएटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा है कि वर्तमान संकट से बाहर निकलने के लिए अमरीका से संपर्क हुआ है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार जिस तरह विरोधियों से बात करना चाहती है उसी तरह हमने इस बात का मार्ग भी तलाश किया कि ट्रम्प सही अर्थ में वेनेज़ुएला की बात सुनें। अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने भी वेनेज़ुएला सरकार के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तर की वार्ता की पुष्टि की है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने ऐसी स्थिति में अपने प्रतिनिधियों की द्विपक्षीय वार्ता की पुष्टि की है कि जब यही प्रतीत हो रहा है कि ट्रम्प और उनके सलाहकार, काराकास सरकार के विरोधियों की उपयोगिता की ओर से पूरी तरह निराश हो चुके हैं और दबाव की नीतियों को आज़माने के बाद वार्ता पर मजबूर हुए हैं।
ट्रम्प सरकार ने वेनेज़ुएला की सरकार से ऐसी स्थिति में बात चीत की है जब जनवरी में अमरीका ने इस देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार को अवैध बताया था और स्वघोषित राष्ट्रपति ख़्वान ग्वाइदो को औपचारिक रूप से वेनेज़ुएला का राष्ट्रपति मान लिया था। वाॅशिंग्टन ने पिछले महीनों के दौरान वेनेज़ुएला सरकार के विरोधी अपने पिट्ठुओं के समर्थन, कड़े प्रतिबंधों और सैन्य धमकियों के माध्यम से मादुरो की सरकार गिराने की कोशिश की थी लेकिन वह अपने इस लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहा। चूंकि दोनों देशों के बीच हुई वार्ता का ब्योरा सामने नहीं आया है इस लिए इस वार्ता के भविष्य के बारे में बहुत अधिक आशा नहीं रखी जा सकती लेकिन ट्रम्प सरकार महीनों तक राजनैतिक व कूटनैतिक दबाव डालने के बाद सीधी वार्ता पर मजबूर हुई है जो इस बात की सूचक है कि वेनेज़ुएला के संबंध में वाइट हाउस की रणनीति विफल हो चुकी है।