19 अगस्त 2019 - 13:17
अमरीका, किसी भी कार्यवाही से पहले ईरान की जवाबी कार्यवाही के बारे में हज़ार बार सोचे!

ईरान के ग्रेस-1 तेल टैंकर के ख़िलाफ़ ब्रिटेन के माध्यम से की गई अपनी कार्यवाही में विफलता के बाद अगर अमरीका आंतरिक स्तर पर राजनैतिक मंशा से दिए गए किसी आदेश के बहाने इस तेल टैंकर के ख़िलाफ़ कोई कार्यवाही करना चाहता है तो उसे इसके गंभीर परिणामों की प्रतीक्षा करनी चाहिए।

ईरानी तेल टैंकर ग्रेस-1 को रोके रखने के अमरीका के आग्रह के बावूजद जिब्रालटर के न्यायालय द्वारा उसे मुक्त करने के आदेश के बाद अमरीकी सरकार ने अपनी एक फ़ेडरल अदालत से इस तेल टैंकर को रोकने की अनुमति हासिल कर ली है ताकि संभावित रूप से ब्रिटेन की प्राॅक्सी कार्यवाही की पराजय के बाद स्वयं मैदान में उतर आए और इस तेल टैंकर का अपचालन कर ले। ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के उल्लंघन के नाम पर लेकिन वास्तव में अमरीका के कहने पर ग्रेस-1 का अपचालन कर लिया था और उसे छः हफ़्ते तक अवैध रूप से रोके रखा था लेकिन ब्रिटेन के स्टेना एम्पेरो तेल टैंकर को रोकने की ईरान की साहसिक कार्यवाही ने यह दर्शा दिया कि उसमें तेहरान से मुक़ाबले की क्षमता नहीं है और अगर यह तैय हो कि ईरान का तेल निर्यात और उसकी जहाज़रानी को असुरक्षित बना दिया जाए तो फिर यह चीजें ब्रिटेन के लिए भी असुरक्षित हो जाएंगी।

 

ईरान का ग्रेस-1 तेल टैंकर अब भूमध्य सागर की ओर रवाना होने वाला है और इस बात की आशंका है कि अमरीका उसके अपचालन की कोशिश करे। निश्चित रूप से अगर ऐसा होता है तो इसे अमरीका के आंतरिक क़ानून व राजनैतिक फ़ैसले को इस देश की सीमा से बाहर लागू करने के कारण ग़ैर क़ानूनी माना जाएगा और यह क़दम मुक्त समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षित जहाज़रानी का उल्लंघन होगा। दूसरी बात यह है कि अगर अमरीका, ईरानी तेल टैंकर को किसी देश की जलसीमा में पकड़ने की कोशिश करेगा तो उसका यह क़दम भी ग़ैर क़ानूनी और अन्य देशों के जलक्षेत्रों पर हमला माना जाएगा। तीसरी बात यह है कि इस ग़ैर क़ानूनी क़दम के संभावित परिणामों की पूरी ज़िम्मेदारी अमरीका पर होगी और ट्रम्प सरकार को ईरान की गंभीर प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा करनी होगी जिसमें अमरीकी समुद्री जहाज़ों को रोकना भी शामिल है। एक अहम बात यह भी है कि अमरीका के इस संभावित क़दम से परिस्थितियां अनियंत्रित हो जाएंगी और इस स्थिति में क्षेत्र में अमरीका के सभी हित ईरान के क़ानूनी लक्ष्यों का भाग होंगे बल्कि संभव है कि अमरीका के इस क़दम के चलते युद्ध शुरू हो जाए और उस स्थिति में अमीरका को अपने सभी बेड़ों को विदा कहना होगा।

 

यहां पर इस बात की ओर भी इशारा करना चाहिए कि नेश्नल इंटरेस्ट नामक पत्रिका ने "ईरान से युद्ध की स्थिति में अमरीकी बेड़ों को बाय बाय" शीर्षक के अंतर्गत अपनी एक रिपोर्ट में, समुद्री युद्ध के लिए ईरान की दीर्घकालीन सैन्य तैयारी, ईरान की मीज़ाइल फ़ायर करने वाली स्पीड बोट्स के बड़े बेड़े और दुश्मन को चौंका देने की ईरान की क्षमता का उल्लेख किया है। इसी के साथ यह बात भी उल्लेखनीय है कि किसी को भी ईरान के गुप्त हथियारों के बारे में कुछ भी नहीं पता है और निश्चित रूप से जब ईरान अमरीका के अति विकसित ड्रोन ग्लोबल हाॅक को गिरा सकता है तो समुद्र में अमरीका के युद्धक जहाज़ों को मार कर डुबा देना उसके लिए अधिक सरल है। इस आधार पर जिस प्रकार ग्लोबल हाॅक के मामले में अमरीकी सरकार के दक्षिण पंथियों को भारी पराजय का सामना करना पड़ा था, उसी तरह समीकरण की किसी भी तरह की ग़लती, अमरीका को ले डूबेगी।