18 अगस्त 2019 - 13:40
यमन संकट के समाधान के संदर्भ में शनिवार को तेहरान में बहुपक्षीय बैठक हुई

तेहरान बैठक में भाग लेने वाले देशों ने राजनीतिक मार्गों से यमन संकट के समाधान पर बल दिया है

इस बैठक में ईरान, यमन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। तेहरान में होने वाली बैठक में हर देश के प्रतिनिधिमंडल ने यमन संकट के समाधान के संदर्भ में अपने- अपने देश का दृष्टिकोण पेश किया और राजनीतिक मार्गों से उसके समाधान पर बल दिया।

इस समय यमन युद्ध के संबंध में दो महत्वपूर्ण विषयों पर बहस की जा सकती है और उस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले के संबंध में ज़िम्मेदारी को स्वीकार करना चाहिये।

पहली बात यह है कि यमन की जनता को विषम और हृदय विदारक स्थिति का सामना है जिसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के पाश्विक हमलों का सामना है।

प्राप्त समाचारों के अनुसार यमन के 22 में से 20 प्रांत के लोगों को विषम परिस्थिति का सामना है और दो तिहाई से अधिक लोगों को भूख के खतरे का सामना है और उन्हें तुरंत मानवता प्रेमी सहायता की ज़रूरत है।  

दूसरी बात यह है कि यमन युद्ध बंद कराने के संबंध में वार्ता की जानी चाहिये और इसके लिए राष्ट्रसंघ के सहयोग से द्वपक्षीय और बहुपक्षीय कूटनियक प्रयास की आवश्यकता है।

यमन संकट के गत चार वर्षों के अनुभव इस बात के सूचक हैं कि सऊदी अरब और उसके पश्चिमी घटक विशेषकर अमेरिका अधिक से अधिक अपने हितों को साधने के प्रयास में रहे हैं परंतु सऊदी अरब की अगुवाई में काम करने वाले गठबंधन को मिलने वाली बारमबार की पराजय से सऊदी अरब और उसके घटकों के लक्ष्यों पर पानी फिर गया है।

बहरहाल इस्लामी गणतंत्र ईरान ने सदैव यमन युद्ध को बंद करने, परिवेष्टन को समाप्त करने और राजनीतिक ढंग से यमन संकट के समाधान पर बल दिया है और यमन संकट के समाधान के लिए शनिवार को तेहरान में होने वाली बहुपक्षीय बैठक को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।