ज्ञात रहे कि इस्राईल ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के दबाव में अमरीकी कांग्रेस की मुस्लिम महिला सदस्य पर अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ज़ायोनी शासन की ओर से इस मामले पर सशर्त अनुमति मिलने के कुछ घंटे बाद ही रशीदा तालिब ने तेल अवीव की सशर्त पेशकर रद्द कर दी।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि फ़िलिस्तीन में इस्राईली अत्याचारों के साए में परिजनों से सशर्त मुलाक़ात, नस्लभेद, ज़ोरज़बरदस्ती और अन्याय के विरुद्ध उनके विश्वास को तोड़ देगा।
रशीदा तालिब का कहना था कि जब मैं कांग्रेस का हिस्सा बनी तो फ़िलिस्तीनियों में आशा की किरण जगी कि कोई तो इस्राईल के अमानवीय बर्ताव के बारे में सत्य की आवाज़ उठाएगा।
उल्लेखनीय है कि 43 वर्षीय रशीदा तालिब जारी वर्ष जनवरी में अमरीकी कांग्रेस की सदस्य चुनी गयी थीं।
उन्होंने कहा कि वह इस्राईल को अनुमति नहीं दे सकतीं कि वह परिजनों से मुलाक़ात के बदले उनका अपमान करे और उनका सिर इस्राईली अत्याचार और नस्लभेदी नीतियों के आगे झुक जाए।
उनका कहना था कि उनकी दादी नहीं चाहती कि इस्राईल उनकी आवाज़ ख़ामोश कर दे और उनके साथ मुजरिमों जैसा बर्ताव किया जाए।