इस्राईली सेना ने 12 जूलाई सन 2006 को लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह को समाप्त करने के उद्देश्य से पहले से बनायी गयी अपनी योजना के अंतर्गत लेबनान पर चढ़ाई कर दी थी।
इस्राईली सेना अत्याधुनिक हथियारों से लैस थी और हिज़्बुल्लाह उसके सामने एक छोटा सा संगठन था लेकिन हिज़्बुल्लाह ने 33 दिनों तक न केवल यह कि इस्राईली अतिक्रमण का जम कर मुक़ाबला किया बल्कि इस्राईल को हार मानने पर विवश कर दिया और उसे 14 अगस्त सन 2006 में सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव नंबर 1701 स्वीकार करना पड़ा।
इसी उपलक्ष्य में हिज़्बुल्लाह ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें मीज़ाइलों के भंडार का एक भाग दिखाया गया है। हिज़्बुल्लाह ने हमेशा से अपने मीज़ाइलों की संख्या और शक्ति के स्तर को गुप्त रखा है और कहा है कि वह अपनी कार्यवाहियों से हैरान कर देगा।