इसके मुक़ाबले में ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी शक्ति के साथ जारी है और दूसरी ओर तेहरान बैलेस्टिक मीज़ाइलों का उत्पादन धड़ल्ले से कर रहा है जिसने इस्राईल की राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डाल रखा है किन्तु तेल अवीव के वरिष्ठ राजनैतिक और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार जैसा कि इस्राईली समाचार पत्र हारेट्ज़ लिखता है कि अमरीका ने ईरान के विरुद्ध जिस गठबंधन की बात की है उसका पौधा बीज से सिर निकालने लगा है।
तेल अवीव के सूत्र के हवाले से इस्राईली समाचार पत्र लिखता है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प इस बार ईरान के बारे में ग़लती कर बैठे, मई में ट्रम्प ने परमाणु समझौते से निकलने की घोषणा की और उसके बाद से ईरान पर निरंतर हमले कर रहे हैं और उसे धमका रहे हैं, ट्रम्प यहीं पर नहीं रुके और उन्होंने ईरान के विरुद्ध आर्थिक दबाव बढ़ाना शुरु कर दिया, उन्होंने ईरान के साथ काम करने वाली कंपनियों तक को प्रतिबंधों की धमकी दे दी जिसके बाद बहुत सी कंपनियों ने ईरान के साथ काम करने से इनकार कर दिया।
ज़ायोनी सूत्र का कहना है कि यह सब ईरान को वार्ता की मेज़ पर लाने के लिए किया जा रहा है ताकि पहले से अच्छा कोई समझौता हो सके किन्तु ईरान अपनी बात पर अड़ गया और उसने फ़ार्स की खाड़ी में अमरीकी हितों पर निशाना साधना शुरु कर दिया।
इस्राईली सूत्र कहता है कि अमरीकी प्रशासन में कुछ ऐसे भी हैं जो ईरान की व्यवस्था को ही बदलना चाहते हैं जैसे जान बोल्टन, यदि यह कोशिश की गयी तो हालात युद्ध तक पहुंच सकते हैं किन्तु यहां पर इस बात का उल्लेख ही आवश्यक है कि ईरान ने देश की वायु सीमा उल्लंघन करने वाले अमरीका के दैत्याकार ड्रोन विमान को मार गिराया, यहां पर अमरीका ने धैर्य से काम लिया।
इस्राईली सूत्र कहता है कि हालिया दिनों में फ़ार्स की खाड़ी के देश ईरान के बारे में अपनी नीतियों को बदलते नज़र आ रहे हैं जैसा कि संयुक्त अरब इमारात को कोस्ट गार्डस का एक प्रतिनिधि मंडल, ईरानी के अपने समकक्षों से मुलाक़ात की और इसका परिणाम यमन से संयुक्त अरब इमरात के सैनिकों के निकलने के रूप में सामने आया।
तेल अवीव के सूत्र का कहना है कि यमन में संयुक्त अरब इमारात के सैन्य समर्थन के बिना, ईरान समर्थित हूसी गुट के आगे सऊदी अरब घुटने टेक देगा। दूसरी ओर इस्राईल के लिए यह अच्छी ख़बर नहीं है कि लाल सागर में ईरान से हथियारों की सप्लाई लाइन अलमुकल्ला पर हूसी गुट का नियंत्रण रहे क्योंकि यहां से जाने वाला हथियार ग़ज़्ज़ा पट्टी में हमास तक भी पहुंच सकता है। इस्राईली सूत्र कहते हैं कि बाबुल मंदब में इस्राईल की नागरिक नौकाओं और सैन्य जहाज़ों को धमकाने के लिए ईरान, हूसी गुट से सहायता ले सकता है।
इस्राईली समाचार पत्र हारेट्स लिखता है कि ईरान ने अलहूसी गुट का समर्थन किया और उसका फल भी उसे मिला, यमन के ड्रोन विमानों और हेलीकाप्टरों द्वारा सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के तेल प्रतिष्ठानों पर हमले किए गये, ईरान द्वार हूसी गुट को दिए गये स्कड मीज़ाइलों से हमले हुए, जिनको चलाना लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के लड़ाकों ने सिखाया, इसका नतीजा यह निकला कि संयुक्त अरब इमारात यमन संकट से भाग निकला।
इस्राईली सूत्र अंत में कहता है कि सऊदी प्रयास विफल हो गये, यमन विभाजित होकर रहेगा, निराशा में डूबा रहेगा, कोई बात नहीं, ईरानी इसको अपने लिए सफलता समझें, यह ईरान विरोधी गठबंधन के लिए बुरी ख़बर होगी क्योंकि न तो ट्रम्प ईरान के विरुद्ध कुछ कर पा रहे हैं और न ही नेतेनयाहू उनको ईरान के विरुद्ध भड़काने में सफल हो सके हैं। अब तो समय ही बताएगा कि यमन सहित फ़ार्स की खाड़ी में कौन जीता और कौन हारा?