ईरान सरकार के प्रवक्ता अली रबीई ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान स्वयं को क्षेत्र के व्यापारिक और आर्थिक जलमार्गों की सुरक्षा का ज़िम्मेदार समझता है।
ज्ञात रहे कि अमरीका ने हालिया महीनों में ईरान पर अधिक से अधिक दबाव डालने के लिए फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है और ब्रिटेन सहित अपने घटकों के साथ मिलकर भड़काऊ कार्यवाहियां कर रहा है।
इसी परिधि में अमरीका ने फ़ार्स की खाड़ी में एक समुद्री गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहा है।
ईरान सरकार के प्रवक्ता ने सोची में ईरान, आज़रबाइजान और रूस के राष्ट्राध्यक्षों के बैठक के विलंब होने का कारण बताते हुए कहा कि बैठक तकनीकी कारणों से विलंब का शिकार हुई और तीनों देश, बाद में इस बैठक के आयोजन पर सहमत हो गये हैं।
ज्ञात रहे कि बुधवार 14 अगस्त को सूची में ईरान, रूस और आज़रबाइजान गणराज्य के राष्ट्रों की बैठक होने वाली थी।