अमरीकी न्यूज़ वेबसाइट अलमाॅनिटर समेत कुछ संचार माध्यमों ने दावा किया है कि ईरान और फ़्रान्स के राष्ट्राध्यक्षों के बीच होने वाली हालिया टेलीफ़ोनी वार्ता में पेरिस की ओर से तेहरान को कुछ प्रस्ताव दिए गए हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फ़्रान्स के राष्ट्रपति एमानोएल मैक्रां ने राष्ट्रपति रूहानी को जी-7 के सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया और ईरान के साथ व्यापारिक लेन-देन के लिए बनाए जाने वाले विशेष यूरोपीय सिस्टम इन्स्टैक्स को सक्रिय बनाने के उद्देश्य से 15 अरब डाॅलर के बैंक खाते खोलने की पेशकश की है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने फ़्रान्स की ओर से उक्त प्रस्तावों के बारे में सामने आने वाली रिपोर्टों को कल्पना और अनुमान बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति रूहानी की उनके फ़्रान्सीसी समकक्ष से अब तक कई बार टेलीफ़ोनी वार्ता हो चुकी है जिनमें अनेक प्रस्ताव दिए गए हैं लेकिन उनमें से कोई भी निश्चित नहीं था। उन्होंने कहा कि यूरोप द्वारा वादों के उल्लंघन पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद कुछ यूरोपीय देशों ने समस्याओं के समाधान के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि गुट चार धन एक के एक सदस्य के रूप में फ़्रान्स ने तनाव दूर करने के लिए कुछ क़दम उठाए हैं और ईरान ने उनका स्वागत किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि फ़्रान्स के इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत राष्ट्रपति मैक्रां के विशेष दूत ने ईरान का दौरा किया था और ईरान के उप विदेश मंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति के विशेष दूत के रूप में फ़्रान्स के राष्ट्रपति से मुलाक़ात की थी और उन्हें डाॅक्टर हसन रूहानी का संदेश दिया था।
ज्ञात रहे कि फ़्रांस के राष्ट्रपति ने हालिया दिनों में अपने ईरानी समकक्ष से तीन बार टेलीफ़ोन पर बात की है जिसमें उन्होंने यह संकल्प दर्शाया है कि उनका देश अन्य यूरोपीय देशों के साथ मिल कर ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते की रक्षा के लिए हर संभव कोशिश करेगा लेकिन अब तक यूरोप की ओर से कोई ठोस और व्यवहारिक क़दम देखने में नहीं आया है। ईरान के राष्ट्रपति ने फ़्रान्स के राष्ट्रपति पर स्पष्ट कर दिया था कि ईरान की जनता के लिए यह बात स्वीकार्य नहीं है कि ईरान परमाणु समझौते से संबंधित अपनी कटिबद्धताओं का पालन करे लेकिन दूसरे पक्ष अपने वादों को पूरा न करें।