विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसवी ने शुक्रवार को फ़ार्स खाड़ी में जहाज़ों की कथित सुरक्षा के नाम पर अमरीकी सैन्य गठबंधन में ज़ायोनी शासन के शामिल होने की तय्यारी पर आधारित ख़बरों की प्रतिक्रिया में कहा कि इस ख़तरनाक क़दम के अंजाम के लिए अवैध ज़ायोनी शासन और अमरीका ज़िम्मेदार होगा।
उन्होंने फ़ार्स खाड़ी में अमरीकी सैन्य गठबंधन के गठन को तनाव पैदा करने वाला व धूर्ततापूर्ण क़दम बताते हुए कहा कि ईरान इस गठबंधन के विरोध का एलान करता है और इसे वजूद देने वालों व इसमें शामिल सदस्यों को क्षेत्र में तनाव पैदा करने और उसके नतीजे में उत्पन्न होने वाले संभावित संकट के लिए ज़िम्मेदार समझेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान फ़ार्स खाड़ी के देश होने, इस क्षेत्र में 1500 मील लंबे तट के स्वामी होने और अपनी ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी के नाते फ़ार्स खाड़ी को अपनी भूमि का हिस्सा और इस क्षेत्र में जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित बनाना अपनी ज़िम्मेदारी समझता है।
अब्बास मूसवी ने बल दिया कि फ़ार्स खाड़ी में किसी भी नाम से क्षेत्र से बाहर की फ़ोर्सेज़ की मौजूदगी से न सिर्फ़ यह कि इस क्षेत्र की सुरक्षा में मदद नहीं मिलेगी, बल्कि, संवेदनशील फ़ार्स की खाड़ी में तनाव पहले से ज़्यादा बढ़ जाएगा।