आयतुल्लाह मोहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने नमाज़ के विशेष भाषण में इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका इस्लामी क्रान्ति को ख़त्म नहीं कर सका, बल दिया कि ईरान अमरीका की धौंस धमकी के ख़िलाफ़ डटा हुआ है।
उन्होंने अमरीका को विश्व साम्राज्य का प्रतीक बताते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समझौतों से अमरीका का निकलना उसकी वादा ख़िलाफ़ी का स्पष्ट सुबूत है।
आयतुल्लाह मोवह्हेदी किरमानी ने 20 जून को ईरान की सीमा का अतिक्रमण करने वाले अमरीकी ड्रोन को इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल द्वारा मार गिराए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में ईरान की शक्ति इतनी बढ़ गयी है कि अमरीका में उस पर हमले की हिम्मत नहीं है।
तेहरान के जुमे के इमाम ने यमन संकट और वहां से यूएई के सैनिकों के निकलने के विषय की ओर इशारा करते हुए कहा कि सऊदी अरब और यूएई यमनी जनता के प्रतिरोध की वजह से इस देश में घिर गए और इस दलदल से निकलने की कोशिश में हैं।
उन्होंने भारत प्रशासित कश्मीर के संकट के बारे में, संकट के दोनों पक्षों से संयम से काम लेने पर बल दिया।