8 अगस्त 2019 - 13:41
एक ख़बर, कई समीक्षाएं, ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका का समुद्री गठजोड़, खोदा पहाड़ निकली चुहिया ...

अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि वाॅशिंग्टन ने 60 देशों से कहा है कि वे हुर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा में सहयोग करें।

समीक्षा 1ः अमरीका का यह नया फ़ैसला बरबस ही अरब नैटो की विफल परियोजना की याद दिलाता है जिसके अंतर्गत अमरीका व कुछ अरब देश, जिनकी संख्या उंगलियों पर गिनी जा सकती थी, ईरान के ख़िलाफ़ एक दूसरे से सहयोग करना चाहते थे। मिस्र के शामिल न होने के कारण यह परियोजना, शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गई।

समीक्षा 2ः अमरीकी, जो फ़ार्स की खाड़ी में अपनी पिट्ठू सरकारों को, जिनमें जर्जर हो चुकी राजशाहियां और तानाशाही सरकारें शामिल हैं, लामबंद करने में विफल हो चुके हैं पता नहीं किस भरोसे पर इस्लामी गणतंत्र ईरान के ख़िलाफ़ 60 देशों को एकजुट करने का सपना देख रहे हैं। याद रहे कि ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध और उसके तेल निर्यात को शून्य पर पहुंचाने के मामले का वही हाल हो चुका है कि खोदा पहाड़, निकली चुहिया।

समीक्षा 3ः पोम्पियो ऐसी स्थिति में ईरान के ख़िलाफ़ समुद्री गठजोड़ बनाने के लिए जापान, दक्षिणी कोरिया, आस्ट्रेलिया इत्यादि देशों को अपने साथ मिलाने की सिर तोड़ कोशिश कर रहे हैं कि वे ब्रिटेन को छोड़ कर सभी यूरोपीय देशों की ओर से इस बारे में निराश हो चुके हैं और उन्हें चीन व रूस का भी साथ मिलने वाला नहीं है।

समीक्षा 4ः ऐसी स्थिति में कि जब ईरान व ब्रिटेन द्वारा रोके गए एक दूसरे के तेल टैंकरों का अंजाम निश्चित नहीं है, पोम्पियो को लगता है कि ईरान के ख़िलाफ़ गठजोड़ बनाने के लिए देशों को अपने साथ मिलाने का यह सबसे उचित अवसर है और इसी लिए उनकी कोशिश है कि यह अवसर हाथ से न निकल जाए।

समीक्षा 5ः अमरीकियों के व्यवहार पर ध्यान से स्पष्ट होता है कि उन्होंने ईरान के संबंध में यह नीति अपना रखी है कि हर संकट को एक नए संकट से जोड़ दें ताकि शायद इस प्रकार ईरान की सत्यता की ओर से जनमत के दृष्टिकोण को भटका सकें और उसे ईरान के ख़िलाफ़ एकजुट कर सकें। ईरान के ख़िलाफ़ समुद्री गठजोड़ बनाने की कोशिश इसी नीति का एक हिस्सा है।