समाचार एजेंसी इर्ना की रिपोर्ट के मुताबिक़, ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि तनाव के बीच राजनयिक चैनलों का खुला होना, बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार पहले की ही तरह इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ के साथ अपना सहयोग जारी रखेगी। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ज़रीफ़ की तीरफ़ करते हुए कहा कि, ईरानी विदेश मंत्री वरिष्ठ कूटनयिक के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी हैं।
इससे पहले यूरोपीय संघ ने भी एक बयान जारी करके ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ के साथ आपसी सहयोग को जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया था। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने सभी पक्षों को धैर्य और संयम से काम लेने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी वित्त विभाग, जो ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ आर्थिक युद्ध थोपने के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है, ने ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ को प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया है। अमरीकी वित्तमंत्रालय ने ईरान के स्थानीय समयानुसार गुरुवार तड़के ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ का नाम प्रतिबंधित लोगों की सूचि में दर्ज कर दिया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन मनुचिन का कहना है कि ज़रीफ़ के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का कारण यह था कि वह ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार जो प्रतिबंध मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ पर लगे हैं उसके बाद अमेरिका और अमेरिका-प्रशासित देशों में मौजूद ज़रीफ़ की सभी संपत्तियाँ ज़ब्त कर ली जाएंगी और साथ ही उनकी विदेश यात्राओं पर भी रोक लगाई जाएगी।
ज्ञात रहे कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अमेरिका द्वारा उनपर लगाए गए प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया था कि, अमरीकी प्रतिबंध से उन पर या उनके परिवार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि ईरान से बाहर उनकी कोई संपत्ति नहीं है। उनका कहना था कि उन्हें इस बात की ख़ुशी है कि अमरीका उन्हें अपने हितों के लिए बहुत बड़ा ख़तरा समझता है।