दिब्का ने ज़ायोनी शासन के गुप्तचर विभाग के निकटवर्ती सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि सऊदी अरब और इमारात ने फ़ार्स की खाड़ी में जहाज़ों की आवाजाही की सुरक्षा के बारे में ईरान से अपने गुप्त संपर्क बढ़ा दिए हैं।
वेबसाइट अपने सूत्रों के हवाले से लिखती है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात इस परिणाम पर पहुंच गये हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के ईरान के बारे में लक्ष्य, रियाज़ और अबूधाबी के लक्ष्यों के अनुरूप नहीं हैं।
कुछ ख़ुफ़िया सूत्रों ने संयुक्त अरब इमारात के प्रतिनिधि मंडल की हालिया तेहरान यात्रा की ओर संकेत करते हुए बताया कि संयुक्त अरब इमारता के अधिकारियों ने ईरानी अधिकारियों से मुलाक़ात में फ़ार्स की खाड़ी, हुर्मुज़ और बाबुल मंदब स्ट्रेट्स में समुद्री जहाज़ों की सुरक्षा के मुद्दे पर विचार विमर्श किया।
संयुक्त अरब इमारात के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर दिब्का को बताया कि यदि वाशिंग्टन, ईरान के साथ वार्ता का प्रयास कर रहा है तो हमें फ़ार्स की खाड़ी में समुद्री जहाज़ों की रक्षा के लिए अमरीकी गठबंधन से जुड़ने में कोई फ़ायदा नहीं है क्योंकि इन हालात में प्रतिरक्षा शक्ति बहुत ही सीमित हो जाएगी।
दिब्का आगे लिखती है कि इन हालात की वजह से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान पूरी गंभीरता के साथ ईरान से वार्ता के विषय की समीक्षा कर रहे हैं।
पिछले मंगलवार को यूएई के समुद्र तट रक्षा अधिकारियों पर आधारित प्रतिनिधिमंडल और ईरान के सुरक्षा अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुयी थी।
तेहरान में मंगलवार को हुयी बैठक में दोनों देश समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आपसी साहयोग पर सहमत हुए। यह बैठक 2003 के बाद से इस तरह की पहली बैठक थी।
यह छठी संयुक्त बैठक थी जिसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच तटवर्ती सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग करना है। यह बैठक देशों के समुद्री सीमा सहयोग को बेहतर बनाने के लिए दोनों पक्षों के बीच आपसी समनव्य से आयोजित हुयी।
बैठक के दौरान ईरान के सीमावर्ती पुलिस कमान्डर ब्रिगेडियर जनरल क़ासिम रेज़ाई ने यूएई के समुद्र तट रक्षा विभाग के अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अली मिस्बाह अल-अहबाबी से बात की, जिसमें दोनों पक्षों ने फ़ार्स की खाड़ी और ओमान सागर में सुरक्षा को मज़बूत बनाने के लिए कोशिश करने तथा द्विपक्षीय कूटनैतिक वार्ता प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर बल दिया।
संयुक्त अरब इमारात के इस प्रतिनिधि मंडल के तेहरान दौरे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह ईरान और संयुक्त अरब इमारात के कोस्ट गार्ड्स की छठी संयुक्त बैठक थी। इस अधिकारी का कहना है कि तेहरान बैठक में दूसरे के जल क्षेत्रों में शिकारियों का प्रवेश, शिकारों की स्वतंत्रता और शिकार के नियमों का उल्लंघन तथा तस्करी से मुक़ाबले जैसे विषयों की समीक्षा की गयी।