आईआरजीसी ने गुरुवार को अपने बयान में विदेशमंत्री को ब्लैक लिस्ट करने के अमरीका की ग़ैर क़ानूनी कार्यवाही को हास्यापस्पद क़रार देते हुए, अमरीका की इस कार्यवाही को तथाकथित दबाव डालने का ही क्रम क़रार दिया और कहा कि अमरीका एक बार फिर इस्लामी क्रांति की साम्राज्यवादी विरोधी बातों से जल उठा ।
आईआरजीसी के बयान में आया है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने क्षेत्र में अमरीका के वर्चस्व के दौर को समाप्त कर दिया और क्षेत्र तथा क्षेत्र के बाहर उसको अपमानजनक पराजय का स्वाद चखा।
दूसरी ओर ईरान की सशस्त्र सेना ने अपने बयान में विदेशमंत्री पर अमरीकी प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि अमरीका ने अपनी समझ में ईरान पर अधिक से अधिक दबाव डालने और क्षेत्र तथा दुनिया में अपनी निरंतर पराजयों की भरपाई करने के लिए विदेशमंत्री पर प्रतिबंध लगाया।
सशस्त्र सेना के बयान में आया है कि अमरीका की यह कार्यवाही भी विफलता का स्वाद चखेगी। बयान में कहा गया है कि फ़ार्स की खाड़ी और हुर्मुज़ स्ट्रेट में समुद्री गठबंधन बनाने में यूरोपीय और क्षेत्रीय देशों के विरोध ने अमरीका को क्रोधित कर दिया।