1 अगस्त 2019 - 13:10
अफ़ग़ान सरकार का तालेबान के साथ बातचीत के लिए 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन

अफ़ग़ान सरकार के शांति मामलों के मंत्रालय ने तालेबान के साथ बातचीत के लिए इस देश की सरकार द्वारा एक 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के गठन की सूचना दी है।

अफ़ग़ानिस्तान के शांति मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न समुदायों, राजनैतिक व सामाजिक हल्क़ों को प्रतिनिधित्व दिया गया है ताकि वे इस देश की जनता की तरफ़ से बातचीत कर सके।

अफ़ग़ानिस्तान के शांति मामलों के मंत्रालय के बयान में आया है कि इस देश की सरकार टिकाउ, न्यायपूर्ण व सम्मानजनक शांति की स्थापना के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

यह ऐसी हालत में है कि इससे पहले तालेबान गुट अफ़ग़ान सरकार के साथ सीधी बातचीत के प्रस्ताव को रद्द कर चुका था।

अब तक तालेबान अफ़ग़ानियों और अमरीका के साथ रूस और क़तर में कई चरण की बातचीत कर चुका है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

तालेबान के साथ बातचीत के लिए अफ़ग़ानिस्तान के शांति मामलों के मंत्रालय द्वारा 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन वास्तव में उस वादे का क्रम है जिसके बारे में इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान के शांति मामलों के मंत्री अब्दुस्सलाम कह चुके हैं।

अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी द्वारा उच्च शांति परिषद को भंग किए जाने और अब्दुस्सलाम रहीमी के शांति मामलों के मंत्री के रूप में नियुक्ति के कुछ दिन के अंदर उन्होंने तालेबान के साथ काबुल सरकार की अगले दो हफ़्ते में बातचीत शुरु होने की सूचना दी थी।

रहीमी ने ऐसी हालत में यह वादा किया है कि तालेबान गुट अमरीका के साथ 7 चरणों की वार्ता के बावजूद अफ़ग़ान सरकार से इस देश में विदेशी सेना के मौजूद रहने तक किसी भी तरह की वार्ता के प्रस्ताव को रद्द करता रहा है।

ऐसे हालात में अफ़ग़ानिस्तान के मीडिया व राजनैतिक हल्क़े रहीमी के इस देश की सरकार के तालेबान के साथ बातचीत शुरु करने के जोखिम भरे वादे को अफ़ग़ानिस्तान के शांति मामलों के मंत्रालय की क्षमताओं को परखने के लिए एक अवसर मान रहे हैं।