ब्रिगेडियर जनरल यहया सरी ने बताया कि यमनी सेना की मीज़ाइल व ड्रोन इकाई ने गुरुवार की सुबह देश के दक्षिण में सऊदी गठबंधन के सैनिकों पर हमला किया जिसके कुछ ही देर बाद पूर्वी सऊदी अरब के दम्माम इलाक़े पर मीज़ाइल हमला किया गया। उन्होंने बताया कि दम्माम में एक अहम सैन्य ठिकाने को लम्बी दूरी के एक विकसित बैलिस्टिक मीज़ाइल से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर सऊदी अरब में काम करने वाली विदेशी कंपनियों को सचेत करते हैं कि वे सैन्य व रणनैतिक लक्ष्यों से दूर हो जाएं। ज्ञात रहे कि दम्माम पूर्वी सऊदी अरब के शरक़िया प्रांत में स्थित है। यह शहर शरक़िया प्रांत के सबसे अहम शहरों में से एक है और पश्चिमी फ़ार्स की खाड़ी की अहम बंदरगाह के रूप में पहचाना जाता है।
यमनी सेना के प्रवक्ता ने बल दे कर कहा कि यह हमला, सऊदी अरब के हमलों और अपराधों के जवाब में किया गया है। इससे पहले गुरुवार की सुबह अदन के अलजेला सैन्य ठिकाने पर भी यमनी बलों ने मीज़ाइलों और ड्रोन से हमला किया था। यह हमला उस समय किया गया जब सऊदी नेतृत्व वाले गठजोड़ के सैनिक परेड करने वाले थे और परेड के बाद ज़ाले प्रांत में यमनी बलों के ठिकानों पर हमले का कार्यक्रम था। यमनी बलों के इस हमले में कम से कम चालीस सैनिक मारे गए हैं। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में मारे जाने वालों में मुनीर अलयाफ़ेई नामक कमांडर भी शामिल है।