परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने कहा है कि परमाणु समझौते के बाद ईरान ने 300 किलोग्राम यूरेनियम का संवर्द्धन नहीं किया है बल्कि परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर के बाद 24 टन यूरेनियम का संवर्द्धन किया है।
एक सांसद ग़ुलाम अली जाफ़रज़ादे इमनाबादी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा संस्था के अध्यक्ष अली अकबर सालेही के कथनानुसार परमाणु समझौते के बाद ईरान ने 300 किलोग्राम यूरेनियम का संवर्द्धन नहीं किया है बल्कि परमाणु समझौते के बाद 24 टन यूरेनियम का संवर्द्धन किया गया है।
ग़ुलाम अली जाफ़रज़ादे ने कहा कि अगर ईरान परमाणु विषय को छोड़ भी दे तो भी पश्चिम के साथ समस्या का समाधान नहीं होगा और उसके बावजूद समस्याएं जारी रहेंगी क्योंकि ईरान के साथ उनका राजनीतिक और वैचारिक मतभेद है।
उन्होंने कहा कि अली अकबर सालेही के कथनानुसार चूंकि परमाणु ऊर्जा सुरक्षित ऊर्जा है इसलिए परमाणु ऊर्जा उद्योग का संबंध भावी पीढ़ी से है यानी जब जीवाश्म ईंधन के स्रोत समाप्त हो जायेंगे तब परमाणु ऊर्जा अपनी भूमिका निभायेगी और यह ऊर्जा वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति का कारण बनेगी और उसका परिणाम राष्ट्रीय गर्व का कारण है।