गत रात्रि अमेरिकी कांग्रेस में एक प्रस्ताव पेश किया गया था जिसमें अमेरिका का सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात को हथियार न बेचने का आह्वान किया गया था पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को वीटो कर दिया।
समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप के वीटो को अर्थहीन बनाने के लिए दो तिहाई मतों की ज़रूरत है परंतु सऊदी अरब के संबंध में ट्रंप की विदेश नीति के समर्थन के दृष्टिगत बहुत कम संभावना है कि इस प्रकार बहुमत बन पाये।
ट्रंप ने इससे पहले ईरान के साथ तनाव में वृद्धि का बहाना बनाकर और आपात स्थिति की घोषणा करके कहा था कि वह सऊदी अरब, इमारात और जार्डन के हाथों आठ अरब डॉलर का हथियार बेचना चाहते हैं और अपने इस इरादे से उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को अवगत करा दिया था।
ज्ञात रहे कि अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपात स्थिति घोषित करने की स्थिति में हथियारों को नियंत्रित करने के कानूनों की अनदेखी कर और कांग्रेस की अनुमति के बिना हथियार बेच सकता है। यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने यमन के खिलाफ सऊदी गठबंधन के अपराधों के समर्थन में सऊदी अरब के पक्ष में वीटो किया है।
16 अप्रैल को भी अमेरिकी कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित करके ट्रंप सरकार का सऊदी अरब को हथियार न देने का आह्वान किया था पर उस प्रस्ताव को भी ट्रंप ने वीटो कर दिया था।
ज्ञात रहे कि 26 मार्च 2015 से सऊदी अरब ने यमन के खिलाफ़ पाश्विक हमला आरंभ किया था जो अब तक जारी है और अब तक इस हमले में 16 हज़ार से अधिक यमनी मारे जा चुके हैं जिनमें ध्यान योग्य संख्या बच्चों और महिलाओं की है।