तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा आयतुल्लाह इमामाी काशानी की इमामत में अदा की गयी। उन्होंने नमाज़े जुमा के अपने ख़ुतबे में नाइजीरिया के वरिष्ठ धर्मगुरु शैख़ इब्राहीम ज़कज़की की रिहाई की मांग की।
नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन के नेता शैख़ इब्राहीम ज़कज़की को 2015 में नाइजीरिया की सेना ने ज़ारिया शहर में उनके घर पर हमला करके गिरफ़्तार कर लिया था।
शैख़ इब्राहीम ज़कज़की और उनकी पत्नी इस हमले में बुरी तरह घायल हो गये थे जबकि शैख़ इब्राहीम के दो बेटे और दर्जनों अनुयायी शहीद हो गये थे।
आयतुल्लाह मुहम्मद इमामी काशानी ने कहा कि नाइजीरिया की सरकार और सेना, अमरीका, ज़ायोनी शासन और आले सऊद के समर्थन से इस प्रकार के अपराध अंजाम दे रही है।
इमामे जुमा ने इसी प्रकार परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने सहित अमरीकी राष्ट्रपति की कार्यवाहियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीका, ट्रम्प के कार्यकाल दुनिया में अपने तुच्छता के चरम पर पहुंच गया है।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने ईरान द्वारा परमाणु समझौते में अपने वचनों के स्तर को कम करना, यूरोप के उल्लंघनों के जवाब में क़रार दिया और कहा कि यूरोप को अपने वचनों पर अमल करना चाहिए और यदि उसने ऐसा नहीं किया तो ईरान अपने वचनों के स्तर में कमी का क्रम जारी रखेगा।
इमामे जुमा ने ईरान के आयल टैंकर को रोके जाने की ब्रिटिश नौसेना की कार्यवाही की ओर इशारा करते हुए कहा कि ब्रिटेन की यह कार्यवाही, ग़ैर क़ानूनी और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध है।