इस्तांबोल के न्यायवादी के अनुसार, इस्तांबोल में जिन 176 सैन्य कर्मियों के ख़िलाफ़ वारेंट जारी हुए हैं उनमें कर्नल, लेफ़्टिनंट और कैप्टन रैंक के सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं जबकि इज़्मीर में 20 सैन्य कर्मियों और 5 पूर्व सैनिकों के साथ साथ 10 नागरिकों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी के वारेंट जारी हुए हैं।
सूत्र ने बताया कि सेना में गूलन के प्रभाव की जांच के लिए संदिग्ध लोगों को ढूंढा जा रहा है।
इज़्मीर में जिन लोगों के ख़िलाफ़ वारेंट जारी हुए हैं उन पर फ़ोन के ज़रिए इमामों के साथ संपर्क बनाने का इल्ज़ाम है जबकि 10 नागरिकों पर गूलन की इन्क्रिप्टेड मैसेजिंग अप्लीकेशन इस्तेमाल करने का इल्ज़ाम लगा है।
ग़ौरतलब है कि तुर्की की राजधानी अंकारा में 2016 में हुए सैन्य विद्रोह के लिए गूलन गुट को ज़िम्मेदार समझा जाता है।