7 जुलाई 2019 - 14:01
यमन ने नए मिसाइलों और ड्रोन विमानों का किया अनावरण, हमलावरों में खलबली, यूएई के सैनिकों की वापसी शुरू

यमनी सेना ने अपने हथियारों की प्रदर्शनी में नए मिसाइल क़ुद्स-1, ड्रोन विमान सम्माद-1, सम्माद-3 और क़ासिफ़ के-2 को प्रदर्शन के लिए रखा है।

रविवार को यमन की उच्च राजनीतिक परिषद के प्रमुख मेहदी अल-मश्शात ने शहीद सालेह सम्माद नामक हथियारों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

अल-मसीरा टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस प्रदर्शनी में यमनी सेना ने कुछ नए हथियारों का अनावरण किया है।

इन नए हथियारों में ख़ास तौर से क़ुद्स-1 गाइडेड मिसाइल और सम्माद ड्रोन विमान का नाम लिया जा सकता है।

यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों ने देश पर सऊदी सैन्य गठबंधन द्वारा थोपे गए युद्ध के दौरान ही अपनी रक्षात्मक शक्ति में अभूतवूर्व वृद्धि करके यहां दुनिया को चौंका दिया है, वही इस युद्ध के समीकरणों को परिवर्तित कर दिया है।

2015 में जब सऊदी अरब और यूएई ने यमन पर व्यापक हवाई हमले शुरू किए थे, तो यमनी सेना के पास दूसरे विश्व युद्ध के काल के मिसाइलों का भंडार था, जिसे हमलावरों ने हवाई हमलों में लगभग नष्ट कर दिया था।

हालांकि इस दौरान यमन ने आधुनिक क्रूज़ व बैलिस्टिक मिसाइल और लड़ाकू ड्रोन विमान बनाकर सऊदी अरब और यूएई के भीतर महूत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

यमन युद्ध में सबसे महत्वपूर्ण बिंदू यह है कि जहां सऊदी अरब और यूएई अमरीका और पश्चिमी देशों से अरबों डॉलर के हथियार ख़रीद कर बहुत ही मंहगा युद्ध लड़ रहे हैं, यमन ने ख़ुद अपने हथियार विकसित किए हैं, क्योंकि पूर्ण घेराबंदी के कारण उसे कहीं से हथियारों की आपूर्ति संभव नहीं है।

यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात में ऐसे 300 रणनीतिक लक्ष्यों को चिन्हित किया है, जिन्हें निशाना बनाया जाएगा।

यमनी ड्रोन विमान क़रीब प्रतिदिन सऊदी अरब के दक्षिण में जीज़ान और अबहा हवाई अड्डों पर बमबारी कर रहे हैं और निश्चित रूप से उनका अगला निशाना यूएई के हवाई अड्डे और सामरिक ठिकाने होंगे।

हालांकि यूएई ने इस थका देने वाले युद्ध से फ़रार का रास्ता तलाश करना शुरू कर दिया है और अपने सैनिक वापस बुलाने शुरू कर दिए हैं।

यूएई शासन को अच्छी तरह पता है कि यमन ने अगर अबूधाबी और दुबई के हवाई अड्डों को निशाना बनाया तो बाहरी निवेश पर टिकी इस देश की अर्थव्यवस्था का क्या हाल होगा।

इसलिए निश्चित रूप से यह कहा जा सकता है कि यमन के नए हथियारों के अनावरण के बाद हमलावर देश इस युद्ध को जारी रखने पर दो बार विचार करने पर ज़रूर मजबूर होंगे।