इकानामिक टाइम्ज़ ने बुधवार को लिखा कि ईरान आयातक भारत के यूको बैंक में मौजूद अपने एकाउंट से भारतीय चाय निर्यातकों को एडवांस में भुग्तान कर रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत से ईरान के लिए चाय का निर्यात वर्ष 2019 की पहली तिहाई में लगभग तीन गुना बढ़कर 27.09 मिलियन किलोग्रम तक पहुंच गया। रिपोर्ट के अनुसार रूपए के रूप में मौजूद वित्तीय मेकैनिज़्म व्यापक व्यापार में भारी मदद कर रहा है।
भारत के एक बड़े चाय निर्यातक अनीश भंसाली का कहना है कि ईरान के आयातकों ने एडवांस में पेंमेंट किया है। यह काम अमरीकी प्रतिबंधों से बचने के लिए किया गया है।
इसी प्रकार का एक मेकैनिज़्म ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी ने भी बनाया है जिसे इंस्टेक्स कहा जाता है। इसका उद्देश्य ईरान से यूरोप के व्यापार के लिए रक़्म की भुग्तान करना है। मगर यूरोप ईरान का विश्वास नहीं जीत सका है क्योंकि ईरान यह मानता है कि इसके तहत विशेष किया जाने वाला बजट व्यापार को बहाल करने में सफल नहीं हो सकता।