यूरोपीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़, दुबई के शासक की पत्नी राजकुमारी हया अल-हुसैन जो जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह दितीय की सौतेली बहन भी हैं, एक जर्मन कूटनीतिज्ञ की मदद से दुबई से भाग कर पहले वह जर्मनी पहुंची हैं जहां उन्होंने अपने पति से तलाक़ के लिए अपील के साथ जर्मनी में राजनीतिक शरण की अनुमति मांगी है। हालांकि अभी दुबई या जर्मनी के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि दुबई के शासक की पत्नी अपने बच्चों सहित जर्मनी स्थानांतरित हुई हैं, लेकिन ख़बरें हैं कि वह पिछले एक महीने से जर्मनी में हैं। इससे पहले यह भी रिपोर्ट थी कि प्रारंभिक तौर पर राजकुमारी हया ब्रिटेन स्थानांतरित होना चाहती थीं, लेकिन उन्हें ब्रिटिश सरकार पर संदेह था इसलिए वह जर्मनी स्थानांतरित हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, दुबई के शासक शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल-मख़तूम की पत्नी 45 वर्षीय राजकुमारी हया अल-हुसैन अपने साथ 3 करोड़ 90 लाख डॉलर और अपने दो बच्चों 7 वर्षीय बेटे ज़ायद और 11 वर्षीय बेटी अल-जलीला को लेकर जर्मनी गई हैं। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि राजकुमारी हया को उनके पति द्वारा धोखेबाज़ और बेवफ़ा कहे जाने और ख़ुद की जान का ख़तरा होने की वजह से जर्मनी भाग गई हैं। इन सबके बीच अब ख़बर सामने आई है कि राजकुमारी हया के दुबई से भागने का मूल कारण कुछ और है।
ब्रिटिश अख़बार 'द गार्जियन' के अनुसार वास्तव में राजकुमारी हया ब्रिटिश कोर्ट में चल रहे एक मामले में ब्रिटेन सरकार के हस्तक्षेप के बाद दुबई से स्थानांतरित हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़, लंदन की एक स्थानीय अदालत में राजकुमारी हया और उनके पति के ख़िलाफ़ एक मुकदमा लंबित था। समाचार पत्र के अनुसार राजकुमारी हया और दुबई के शासक शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल-मख़तूम के विवादों के संबंध में लंबित मामले में ब्रिटिश सरकार ने स्वयं हस्तक्षेप किया और सरकार को लॉबींग करने में सफलता प्राप्त हो गई थी, जिसके बाद राजकुमारी हया ने दुबई छोड़कर चले जाने का फ़ैसला किया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि राजकुमारी हया और उनके पति के बीच किस तरह के विवाद का मामला लंदन कोर्ट में लंबित था।
उल्लेखनीय है कि 2004 में राजकुमारी हया की शादी दुबई के शासक शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल-मख़तूम के साथ हुई थी। उनकी शादी का टूटना दुबई शासक के लिए एक नया बड़ा झटका माना जा रहा है, इसलिए कि उनकी 33 वर्षीय बेटी लतीफ़ा बिंत मोहम्मद मख़तूम पिछले साल भाग गई थीं, लेकिन उन्हें भारत के एक तट पर एक बोट से पकड़ लिया गया था।