अमरीकी सेना की सैंट्रल कमान (सैंटकॉम) ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि अमरीकी बलों और हितों की सुरक्षा के लिए पहली बार क़तर स्थित अल-उदैद एयरबेस में एफ़-22 लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया गया है।
हालांकि इस रिपोर्ट में लड़ाकू विमानों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है, हां सिर्फ़ इतना कहा गया है कि इस एयरबेस में पहले से ही क़रीब एक दर्जन एफ़-22 मौजूद थे।
इसके अलावा अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में अपनी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिविज़न को पॉकेट साइज़ ड्रोन विमानों से लैस किया है।
अमरीकी सैनिकों ने वसंत में बहुत ही छोटे ड्रोन ब्लैक हॉर्नेट के इस्तेमाल का प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
ग़ौरतलब है कि 20 जून को ईरान ने अपनी वायु सीमा में घुसपैठ करने वाले अमरीकी ड्रोन ग्लोबल हॉक को मार गिराया था। इस ड्रोन ने संयुक्त अरब इमारात से उड़ान भरी थी।
इस घटना के बाद ईरानी अधिकारियों ने तेहरान में यूएई के राजदूत को तलब करके स्पष्ट कर दिया था कि जिस किसी भी देश से ईरान पर हमला किया जाएगा ईरानी सेना उस पर जवाबी हमला करेगी।
ईरान ने अमरीकी ड्रोन विमान को मार गिराने के बाद यह भी कहा था कि उसने इस ड्रोन विमान के साथ उड़ रहे उस अमरीकी सैन्य विमान को नहीं गिराया जिसमें क़रीब 35 अधिकारी सवार थे।
इसी के साथ ईरान के सैन्य अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि अगर फिर से अमरीका के किसी विमान ने उसकी वायु सीमा का उल्लंघन किया तो उसे बख़्शा नहीं जाएगा