इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने बहरैन की राजधानी मनामा में अमरीका द्वारा 25-26 जून को आयोजित सम्मेलन को निरर्थक कोशिश की संज्ञा देते हुए कहा है कि इसके नतीजे में अमरीका और ज़ायोनियों के साथ सहयोग करने वाले बदनाम व अपमानित होंगे।
28 जून को ट्वीटर पर "इमाम ख़ामेनई" नामक ट्वीटर हैंडल पर यह बयान आया है, जिसका हैशटैग बहरैन कॉन्फ़्रेंस है।
इस कॉन्फ़्रेंस को फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अमरीका-इस्राईल की "डी ऑफ़ द सेन्चरी" नामक योजना की भूमिका बताया जा रहा था। इस योजना में पवित्र अलक़ुद्स को ज़ायोनी शासन के हवाले करने, दूसरे देशों में रह रहे फ़िलिस्तीनियों की वतन वापसी पर रोक लगाने और फ़िलिस्तीन को सिर्फ़ ग़ज़्ज़ा पट्टी और अतिग्रहित पश्चिमी तट के बचे हुए क्षेत्रों तक सीमित करने का प्रावधान है।
फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ता गुटों ने इस कॉन्फ़्रेंस में भाग लेने वाले अरब देशों को विश्वासघाती बताया है। मनामा सम्मेलन का फ़िलिस्तीनी गुटों ने बहिष्कार किया था। (MAQ/N)