राष्ट्रपति हसन रूहानी ने मंगलवार को कहा कि आज लेबनान, सीरिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत और विश्व के अन्य देशों के शिया सुन्नी सहित बहुत से नागरिक, इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता से श्रद्धा व प्रेम रखते हैं और उनका अनुसरण करते हैं इस लिए एेसी हस्ती पर प्रतिबंध लगाना बुद्धिहीनता , घिनौना और हास्यापस्द क़दम है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि अमरीका ने अपने प्रतिबंधों में वरिष्ठ नेता की संपत्ति का उल्लेख किया है, कहा कि वरिष्ठ नेता की कुल संपत्ति, एक इमामबाड़ा और एक साधारण सा घर है, वरिष्ठ नेता, विश्व के अन्य नेताओं की तरह नहीं हैं कि जिनके विदेशी बैंकों में करोड़ों डॅालर जमा होते हैं कि जो उन्हें ज़ब्त या उन पर प्रतिबंध लगाया जा सके।
राष्ट्रपति रूहानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका, बुद्धि की पटरी से पूरी तरह उतर चुका है कहा कि एक ओर अमरीकियों की ओर से वार्ता का ढिंढोरा पीटा जाना और दूसरी ओर उसी के साथ, ईरान के विदेशमंत्री पर प्रतिबंध लगाना, ईरानी राष्ट्र के दुश्मनों के झूठे होने का प्रमाण है।
राष्ट्रपति रूहानी ने ईरान की वायु सीमा के उल्लंघन के दौरान, अमरीकी ड्रोन विमान को मार गिराए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान का धैर्य व संयम, इस्लामी गणतंत्र ईरान की रेड लाइन तक ही है और देश की सीमाएं, ईरान की रेड लाइन है।