मजीद तख़्त रवांची ने मंगलवार को अमरीकी टीवी चैनल सीएनएन से वार्ता में कहा कि ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अमरीका का आर्थिक दबाव, युद्ध अपराध है।
उन्होंने कहा कि अमरीका को कूटनीति में कोई रूचि नहीं है, अमरीका की केवल यही इच्छा है कि ईरान, उसके सामने झुक जाए।
ईरान के परमाणु समझौते में वार्ता में शामिल रहे, मजीद तख्तरवांची ने , परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने का उल्लेख किया और कहा कि जब से ट्रम्प सरकार, समझौते से बाहर निकली है तब से क्षेत्र में अशांति व हंगामा नज़र आ रहा है और इस स्थिति को आज भी देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अमरीका, जेसीपीओए से निकला फिर ईरानी तेल के खरीदारों की दी गयी छूट खत्म की और उसके बाद आईआरजीसी को आतंकवादियों की सूचि में शामिल किया और फिर हमारे इलाक़े में युद्धपोत और हथियार भेजे तो इन सब से यही पता चलता है कि अमरीका को कूटनीति में कोई रूचि नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि अमरीका ने कोई सैन्य कार्यवाही की तो पूरा क्षेत्र अशांत हो जाएगा, निश्चित रूप से ईरान, अपने खिलाफ किसी भी हमले को स्वीकार नहीं करेगा और हम निश्चित रूप से अपने देश पर अमरीका के हर हमले का जवाब देंगे।